LPG का बैकलॉग घटकर 3.1 दिन का हुआ सांकेतिक चित्र
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होर्मुज खुलने के बाद सरकार की ओर से आयी अच्छी खबर, LPG का बैकलॉग घटकर 3.1 दिन का हुआ

ईरान-अमेरिका डील और होर्मुज मार्ग खुलने के बाद पेट्रोल, डीजल, एलपीजी व नेचुरल गैस की सप्लाई सामान्य, देशभर में गैस की कमी खत्म होने का दावा

नयी दिल्ली : ईरान और अमेरिका के बीच डील होने के बाद केंद्र सरकार ने आम लोगों को बड़ी खुशखबरी दी है। सरकार ने बताया है कि LPG का बैकलॉग घटकर 3.1 दिन हो गया है। पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और नेचुरल गैस की सप्लाई नॉर्मल हो गई है। रिटेल आउटलेट्स पर ऑपरेशंस नॉर्मल चल रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने आज ये जानकारी दी। इसका मतलब है कि अब देश की किसी भी एजेंसी पर अब गैस की कमी नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलती स्थितियों को देखते हुए खुदरा कीमतों के बारे में फैसला लिया जाएगा।

हालांकि सोमवार को पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा था, 'हर LPG सिलिंडर पर अंडर-रिकवरी आज भी 700 रुपये प्रति सिलिंडर है। हर एक लीटर डीजल पर अंडर-रिकवरी 27 रुपया है, जबकि हर एक लीटर पेट्रोल पर अंडर-रिकवरी 03 रुपया है।'

जाहिर है, सरकारी तेल कंपनियों को भारत में पेट्रोल-डीजल और LPG सिलिंडर की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी के बाद भी हर दिन हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। भारत अपनी जरूरत का करीब 85% कच्चा तेल, 50% LNG और 60% LPG दुनियाभर के बाजारों से आयात करता है, जिसका मध्य पूर्व एशिया में युद्ध शुरू होने से पहले एक बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आता था, लेकिन ग्लोबल मार्केट्स में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की सप्लाई 28 फरवरी, 2026 को मध्यपूर्व एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद पिछले 108 दिनों के दौरान बुरी तरह बाधित हुई है।

हर दिन करीब 652 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान

मध्यपूर्व एशिया में युद्ध के दौरान बढ़ी हुई कच्चे तेल की कीमतों का बोझ आम लोगों पर न पड़े, इसके लिए भारत सरकार ने पहले 78 दिनों के दौरान सरकारी तेल कंपनियों को आर्थिक मदद के तौर पर लगभग 1.23 लाख करोड़ रुपये दिए। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इसमें पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में की गई कटौती भी शामिल थी, जिसके जरिये भारत सरकार ने आसमान छूती अंतरराष्ट्रीय कीमतों के समय तेल कंपनियों के बढ़ते घाटे को कम करने के लिए टैक्सेशन रेवेन्यूज छोड़ने का फैसला किया था। एक वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधि के मुताबिक, पिछले हफ्ते तक भारत में पेट्रोल, डीजल और LPG की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद भी सरकारी तेल कंपनियों को हर दिन करीब 652 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हो रहा था।

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