नयी दिल्ली : मानसून सत्र अपने आखिरी हफ्ते का लगातार तीसरा दिन सत्तापक्ष और विपक्ष के टकराव का अखाड़ा बना रहा। विपक्ष के लगातार हंगामे के चलते लोकसभा में लगातार 18वें कार्यदिवस प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके। हंगामे के बीच ही सदन ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को सदस्यीय संयुक्त समिति (JPC) को भेजने की मंजूरी दे दी। दो बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी। वहीं, राज्यसभा में भी हंगामे, ‘लुंगीवाला’ टिप्पणी के विवाद और गृहमंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति को लेकर विपक्ष ने विरोध किया तथा ‘इंडिया’ ब्लॉक के सांसद सदन से बहिर्गमन कर गये।
शाह के बयान की मांग पर नारेबाजी
लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही कांग्रेस, समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी सांसद अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृहमंत्री अमित शाह के बयान की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने की अपील की और कहा कि सरकार छात्रों के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है तथा गृहमंत्री जवाब देने को तैयार हैं। हालांकि हंगामा जारी रहने पर सुबह 11 बजकर चार मिनट पर सदन को दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दिया गया।
FCRA संशोधन विधेयक वापस लेने की मांग
दो बजे कार्यवाही शुरू होने पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 यानी FCRA संशोधन विधेयक को संसद की संयुक्त समिति के पास भेजने का प्रस्ताव रखा। कांग्रेस, सपा और द्रमुक ने विधेयक को अल्पसंख्यकों के खिलाफ बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। सरकार ने आरोप खारिज करते हुए कहा कि विधेयक का उद्देश्य देश की सुरक्षा से जुड़ा है। हंगामे के बीच सदन ने विधेयक को 31 सदस्यीय संयुक्त समिति (JPC) को भेजने की मंजूरी दे दी। समिति में लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य होंगे।
खनिज संशोधन विधेयक बिना चर्चा के पारित
इसके बाद तीन बजे खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया गया। विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच यह विधेयक बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित हो गया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने विपक्ष से अपनी सीटों पर लौटने की अपील करते हुए कहा कि सरकार छात्रों के मुद्दे पर तत्काल चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने दावा किया कि गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर भी चर्चा की इच्छा जतायी है। लेकिन हंगामा नहीं थमा और दोपहर 3 बजकर 15 मिनट पर लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गयी।
सुष्मिता देव की टिप्पणी पर उच्च सदन में हंगामा
राज्यसभा में सुबह ही माकपा सांसद जॉन ब्रिटास द्वारा भाजपा सांसद सुष्मिता देव की कथित ‘लुंगीवाला’ टिप्पणी का मुद्दा उठाये जाने पर हंगामा शुरू हो गया। सभापति सी पी राधाकृष्णन ने किसी की संस्कृति या वेशभूषा को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी से बचने की अपील की। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी तकरार के बाद उच्च सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
विपक्ष के वॉआउट के बावजूद जारी रही कार्यवाही
दो बजे राज्यसभा की बैठक फिर शुरू हुई तो अमित शाह की अनुपस्थिति और राम मंदिर चढ़ावे के कथित चोरी के मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी जारी रखी। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुद्दा उठाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें संबंधित विधेयक पर ही बोलने को कहा गया। इसके विरोध में ‘इंडिया’ ब्लॉक के सांसद सदन से बाहर चले गये, जबकि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पर कार्यवाही जारी रही।