नई दिल्लीः विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्यों की नारेबाजी के कारण बुधवार को लोकसभा की बैठक शुरू होने के पांच मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। बैठक शुरू होते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराया। इसी दौरान विपक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे।
वे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के एक अप्रकाशित संस्मरण का हवाला देते हुए बोलने की अनुमति नहीं देने और इस मुद्दे पर सदन की अवमानना के मामले में आठ विपक्षी सदस्यों को निलंबित किए जाने का मुद्दा उठा रहे थे।
शोर-शराबे के बीच ही उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री निमुबेन बांभणिया ने कुछ पूरक प्रश्नों के उत्तर दिए। अध्यक्ष बिरला ने विपक्षी सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह करते हुए कहा, ‘‘सदन के अंदर मर्यादित आचरण और व्यवहार करना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है।’’ उनकी अपील का कोई असर नहीं हुआ और विपक्ष का प्रदर्शन जारी रहा। शोर-शराबा नहीं थमने पर उन्होंने 11 बजकर 5 मिनट पर बैठक दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।
मंगलवार को सदन की अवमानना करने और महासचिव तथा लोकसभा अधिकारियों की मेजों के पास आकर कागज उछालकर आसन की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए कांग्रेस के सात और एक माकपा सांसद को संसद के वर्तमान सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।
बारह बजे के बाद जब लोकसभा की कार्यवाही की फिर से शुरुआत हुई तो अध्यक्ष ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को बोलने के लिए आमंत्रित किया। लेकिन उनके भाषण के दौरान लगातार विपक्षी सांसदों का शोर जारी रहा। इसके बाद फिर से अध्यक्ष ओम बिड़ला ने दोपहर दो बजे तक के लिए कार्यवाही को स्थगित कर दिया।