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PM पोषण योजना में गड़बड़ी पर अब स्थानीय प्रशासन करेगा कार्रवाई

5,148 स्कूलों में पीएम पोषण योजना का सोशल ऑडिट

Munmun Thakur

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : राज्य में पीएम पोषण योजना (मिड-डे मील) के तहत सिर्फ रिपोर्ट जमा कराने का दौर अब खत्म हो चुका है। स्कूल शिक्षा विभाग ने साफ निर्देश दिए हैं कि सोशल ऑडिट के दौरान सामने आने वाली कमियों और गड़बड़ियों पर अब स्थानीय प्रशासन को ही सीधे और तुरंत शुरुआती कदम उठाने होंगे। विकास भवन के सूत्रों के मुताबिक, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की विशेष सोशल ऑडिट यूनिट के जरिए दिसंबर तक राज्यभर के 5,000 से अधिक स्कूलों में इस योजना का जायजा लिया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में ग्राम पंचायतों, ब्लॉक विकास अधिकारियों और जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों को सीधे तौर पर शामिल किया गया है ताकि किसी भी शिकायत पर तुरंत एक्शन लिया जा सके।

अभिभावकों की राय को मिलेगी प्राथमिकता

इस बार ऑडिट प्रक्रिया में खाने की गुणवत्ता, साफ-सफाई और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों की गहन जांच की जा रही है। पहले मामलों की रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजी जाती थी और लंबी प्रक्रिया के बाद कार्रवाई होती थी, लेकिन अब स्थानीय प्रशासन खुद पुलिस शिकायत दर्ज कराने और जमीनी स्तर पर समाधान करने के लिए अधिकृत है। साथ ही, इस योजना में अभिभावकों की राय और प्रतिक्रिया को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। हालांकि, बंगीय शिक्षक व शिक्षा-कर्मी समिति के महासचिव स्वपन मंडल ने इसके व्यावहारिक क्रियान्वयन में राजनीतिक संलिप्तता और बदले की भावना जैसी आशंकाओं को लेकर सवाल भी उठाए हैं। इन सबके बीच, स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने हाल ही में योजना से जुड़े कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने और निर्बाध सेवा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त फंड आवंटित करने की अहम घोषणा की है।

इन जिलों के 5,148 स्कूलों में होगा सर्वे

इसके तहत अलीपुरदुआर (92), बांकुड़ा (265), बीरभूम (225), कूचबिहार (184), दक्षिण दिनाजपुर (125), GTA (110), हुगली (358), हावड़ा (140), जलपाईगुड़ी (130), झाड़ग्राम (90), कलिम्पोंग (40), मालदा (155), मुर्शिदाबाद (546), नदिया (342), उत्तर 24 परगना (425), पश्चिम बर्धमान (90), पश्चिम मेदिनीपुर (521), पूर्व बर्धमान (236), पूर्व मेदिनीपुर (225), पुरुलिया (160), सिलीगुड़ी (65), दक्षिण 24 परगना (314), उत्तर दिनाजपुर (150) और कोलकाता में (60) स्कूल शामिल किए गए हैं।

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