लेबनान सरकार ने कहा कि हिज़्बुल्लाह की मिलिट्री गतिविधियां 'गैर-कानूनी काम' हैं। लेबनान की सरकार ने हिज़्बुल्लाह की सैन्य गतिविधियों को “गैरकानूनी कृत्य” करार देते हुए संगठन से अपने हथियार सौंपने की मांग की है। प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने स्पष्ट कहा कि लेबनानी क्षेत्र से वैध सरकारी संस्थानों के दायरे से बाहर किसी भी सैन्य कार्रवाई को पूरी तरह अस्वीकार किया जाता है।
सलाम ने कहा, “हम हिज़्बुल्लाह की सैन्य गतिविधियों पर रोक लगाते हैं और उसकी भूमिका को केवल राजनीतिक दायरे तक सीमित करते हैं। हम मांग करते हैं कि सैन्य संस्थान इस फैसले को लागू करें।” उनका यह बयान देश के भीतर बढ़ते दबाव और क्षेत्रीय तनाव के बीच आया है।
सरकार ने दोहराया कि वह 2024 में इज़राइल के साथ हुए युद्धविराम समझौते के प्रति प्रतिबद्ध है और बातचीत की प्रक्रिया फिर से शुरू करने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री ने कहा कि लेबनान की संप्रभुता और आंतरिक स्थिरता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी सशस्त्र समूह को राज्य से ऊपर नहीं रखा जा सकता।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम लेबनान में सत्ता संतुलन और सुरक्षा ढांचे को पुनर्गठित करने की दिशा में अहम संकेत है। हालांकि, हिज़्बुल्लाह की प्रतिक्रिया और जमीनी हालात आने वाले दिनों में स्थिति की दिशा तय करेंगे।