बीजिंग : Sergei Lavrov मंगलवार को चीन पहुंचेंगे, जहां वह Wang Yi और अन्य शीर्ष नेताओं के साथ पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz पर अमेरिकी नाकेबंदी को लेकर चर्चा करेंगे। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि लावरोव दो दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं, जो ऐसे समय में हो रहा है जब Donald Trump ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी का ऐलान किया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट और गहरा गया है।
China और Russia के बीच मजबूत रणनीतिक संबंध हैं। दोनों देशों के नेता Xi Jinping और Vladimir Putin इसे “नो लिमिट्स पार्टनरशिप” बता चुके हैं। दोनों देशों के Iran के साथ भी करीबी राजनीतिक और सैन्य संबंध हैं।
चीन लंबे समय से ईरान से तेल आयात करता रहा है, जबकि रूस भी उसका बड़ा ऊर्जा आपूर्तिकर्ता है। ऐसे में हॉर्मुज पर नाकेबंदी का असर चीन की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ सकता है।
दौरे के दौरान दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों, विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और वैश्विक व क्षेत्रीय मुद्दों पर अपने रुख का समन्वय करेंगे। चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, हाल के वर्षों में दोनों देशों ने आपसी सहयोग को मजबूत किया है और अंतरराष्ट्रीय मामलों में करीबी तालमेल बनाए रखा है, जिससे वैश्विक संतुलन और बहुध्रुवीय व्यवस्था को बढ़ावा मिला है।