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तेज प्रताप के दही चूड़ा भोज में पहुंचे लालू यादव

मकर संक्रांति पर तेज प्रताप ने आज अपने आवास पर "ऐतिहासिक दही -चूड़ा भोज" का आयोजन किया है, इसमें उनके पिता लालू प्रसाद भी पहुंचे हैं। कई नेताओं के भी पहुंचने की खबर है।

Narendra Kumar Singh

पटनाः क्या तेज प्रताप यादव की घर वापसी होगी, आज यह सवाल पूरे बिहार की फिजा में घूम रहा है। दरअसल मकर संक्रांति के अवसर पर राजनीतिक शिष्टाचार के साथ ही पारिवारिक मेल-मिलाप भी दिखाई दे रहा है। तेज प्रताप की अपने माता-पिता के साथ ही छोटे भाई से मुलाकात ने नई अटकलों को जन्म दिया है।

मकर संक्रांति पर तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल के बैनर तले आज पटना के अपने आवास पर "ऐतिहासिक दही -चूड़ा भोज" का आयोजन किया है। इसमें उनके पिता लालू प्रसाद भी पहुंचे हैं। बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी इस भोज में पहुंचे। लेकिन तेज प्रताप की मां और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके छोटे भाई और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भोज में नहीं दिखाई दिये।

मकर संक्रांति से एक दिन पहले तेज प्रताप अपने माता-पिता लालू यादव और राबड़ी देवी के आवास पर पहुंचे और उनके मुलाकात की। इसके साथ ही उन्होंने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव से भी मुलाकात की। तेज प्रताप ने इस संबंध में अपने एक्स अकाउंट से चार तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा-आज अपने पिताजी आदरणीय श्री लालू प्रसाद यादव जी, माता जी आदरणीय श्रीमती राबड़ी देवी जी से 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पहुंचकर मुलाकात कर आशीर्वाद प्राप्त किया और अपने छोटे भाई और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी से भी भेंट मुलाकात कर कल 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित होने वाले "ऐतिहासिक दही -चूड़ा भोज" कार्यक्रम हेतु निमंत्रण पत्र देकर आमंत्रित किया। साथ ही आज अपनी प्यारी भतीजी कात्यायनी को गोद में खिलाने का अद्भुत पल भी प्राप्त हुआ।

लालू यादव के आने से सुलह की अटकलें तेज

उम्र और कई स्वास्थ्य समस्याओं के चलते प्रायः घर में ही रहने वाले लालू प्रसाद ने पत्रकारों के सवालों का जवाब नहीं दिया, लेकिन उनके भोज में भाग लेने से परिवार में सुलह की अटकलें तेज हो गई हैं। लालू प्रसाद ने मई 2025 में तेज प्रताप को राजद से निष्कासित करते हुए कहा था कि उनसे अब ‘परिवार का कोई लेना-देना नहीं रहेगा।’ उन्होंने अपने बड़े बेटे के आचरण की आलोचना करते हुए उसे ‘गैर-जिम्मेदाराना’ करार दिया था और कहा था कि यह उनके परिवार के मूल्यों के अनुरूप नहीं है।

यह निष्कासन उस घोषणा के एक दिन बाद हुआ था, जब तेज प्रताप ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि वह 12 वर्षों से एक महिला के साथ रिश्ते में हैं, जबकि वह पहले से विवाहित हैं और उनका तलाक का मामला अभी पारिवारिक अदालत में लंबित है। हालांकि, कुछ ही घंटों बाद उन्होंने (तेज प्रताप) यह पोस्ट हटा दी थी और ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कहा था कि उनका फेसबुक अकाउंट ‘हैक’ हो गया था।

भाजपा में जाने की अटकलें

विधानसभा चुनाव से पहले तेज प्रताप ने जनशक्ति जनता दल का गठन करके कई सीट पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन सभी की जमानत जब्त हो गई। तेज प्रताप ने मंगलवार को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा आयोजित इसी तरह के भोज में भी शिरकत करके अटकलों को हवा दी थी। हालांकि, न तो उन्होंने और न ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेतृत्व ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में उनके शामिल होने को लेकर कोई पुष्टि या खंडन करने वाला बयान दिया है। तेज प्रताप के घर आयोजित भोज में लालू प्रसाद के अलावा राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी पहुंचे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य मंत्री जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता रत्नेश सदा द्वारा आयोजित भोज में शामिल हुए।

उपमुख्यमंत्री तेज प्रताप के बचाव में

जब उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा से लालू प्रसाद के तेज प्रताप के घर जाने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘‘आखिर वे एक परिवार हैं। त्योहार के मौके पर जब लोग मतभेद भूल जाते हैं, तो वे साथ न हों, ऐसा कैसे हो सकता है?” सिन्हा ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा, “मैं उन्हें सलाह दूंगा कि विदेश यात्राओं पर कम समय बिताएं।” तेजस्वी के एक महीने से अधिक समय तक बाहर रहने के बाद राज्य में लौटेने के संदर्भ में उन्होंने यह टिप्पणी की।

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