निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बेलघरिया: ऋतुराज वसंत के स्वागत में जहाँ पूरा बंगाल रंगों में सराबोर था, वहीं बेलघरिया के न्यू वासुदेवपुर रोड स्थित 'बजरंग आवासन' में खौफनाक मंजर देखने को मिला। कोलकाता पुलिस के मुख्यालय लालबाजार में कार्यरत एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, पार्थ दे और उनके परिवार पर पड़ोस के कुछ नशेड़ी युवकों ने हमला कर दिया। आश्चर्य की बात यह है कि खाकी वर्दी से जुड़े व्यक्ति पर हमले के बावजूद पुलिस की कार्रवाई अब तक सुस्त बनी हुई है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है।
छत पर उत्सव की तैयारी के दौरान बोला धावा
घटना कमरहाटी नगरपालिका के 27 नंबर वार्ड की है। पीड़ित पुलिस अधिकारी पार्थ दे नाइट ड्यूटी कर सुबह घर लौटे थे। वह अपने अपार्टमेंट की छत पर अन्य 12 फ्लैटों के निवासियों के साथ वसंत उत्सव की तैयारी कर रहे थे। आरोप है कि तभी पड़ोस के एक मकान से कुछ नशेड़ी युवक और एक महिला अकारण ही उन्हें भद्दी गालियां देने लगे। विरोध करने पर उन लोगों ने छत पर चढ़कर पार्थ दे और अन्य निवासियों पर हमला बोल दिया।
वर्दी वाले भी सुरक्षित नहीं, दहशत में परिवार
हमलावरों ने न केवल मारपीट की, बल्कि पार्थ दे की बेटी और अपार्टमेंट की अन्य महिलाओं को भी डराया-धमकाया। जब पुरुष सदस्य शिकायत दर्ज कराने बेलघरिया थाने और मेडिकल के लिए सागर दत्त अस्पताल गए, तब पीछे से आकर उन उपद्रवियों ने फिर से महिलाओं को धमकाया। पीड़ित पुलिस अधिकारी का कहना है कि अगर रक्षक ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता का क्या होगा?
प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
लिखित शिकायत दर्ज होने के बावजूद बेलঘरिया पुलिस ने अब तक किसी ठोस कार्रवाई को अंजाम नहीं दिया है। अपार्टमेंट के निवासी अब दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं। लोगों का सवाल है कि क्या प्रशासन अपने ही सहकर्मियों को न्याय दिलाने में विफल साबित हो रहा है?