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अशोक कीर्तनिया की सफलता से मतुआ समाज में जगी नागरिकता की उम्मीद

खेत मजदूर का बेटा बना राज्य का मंत्री

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बनगांव : पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को एक भावुक और ऐतिहासिक पल देखा गया। कभी दूसरों के खेतों और दुकानों में काम करने वाले अशोक कीर्तनिया ने शनिवार को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में राज्य के मंत्री के रूप में शपथ ली। बनगाँव उत्तर से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज करने वाले अशोक कीर्तनिया का सफर संघर्षों से भरा रहा है, जिसे देख आज पूरा मतुआ समाज और उनका परिवार गर्व महसूस कर रहा है।

संघर्ष के दिनों को याद कर रो पड़ीं मां

अशोक के मंत्री बनने की खबर सुनते ही बनगाँव स्थित उनके घर में खुशी का माहौल है। उनकी मां अहिल्या कीर्तनिया ने टीवी पर बेटे को शपथ लेते देख आंखों में आंसू भरकर पुराने दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि गरीबी के कारण अशोक कई बार बिना खाना खाए परीक्षा देने जाता था। शपथ लेने के बाद जब अशोक घर पहुंचे, तो मां ने उन्हें गले लगाकर नसीहत दी, "हमेशा जमीन से जुड़े रहना और पुराने संघर्षों को कभी मत भूलना।" अशोक की पत्नी ने भी कहा कि पति के मंत्री बनने से अब समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

मतुआ समाज को नागरिकता और विकास की आस

अशोक कीर्तनिया के मंत्री बनने से मतुआ समुदाय में भारी उत्साह है। समुदाय को उम्मीद है कि अब उनके नागरिकता (CAA) से जुड़े मुद्दों का तेजी से समाधान होगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि वोटर लिस्ट से नाम कटने के बावजूद उन्होंने भाजपा पर भरोसा जताया है। अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए मंत्री अशोक ने कहा, "हम सीएए (CAA) प्रक्रिया को सरल बनाकर मतुआ समाज को नागरिकता दिलाने का काम जल्द शुरू करेंगे।" इसके साथ ही उन्होंने इछामती नदी और जेशोर रोड के सुधार तथा राज्य में भयमुक्त वातावरण बनाने का संकल्प लिया।

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