मुख्य बातें
ईरान पर हमले के बाद आसमान बंद, कोलकाता के यात्री खाड़ी में फंसे
जंग का असर आसमान पर : दुबई-दोहा रूट ठप, कोलकाता एयरपोर्ट पर अफरातफरी
गल्फ हब बंद, लंबा हुआ सफर : न्यूयॉर्क पहुंचने में अब 45 घंटे!
मिडिल ईस्ट तनाव से हवाई सफर महंगा, किरायों में उछाल की आशंका
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद मध्य-पूर्व के विशाल हवाई क्षेत्र को बंद कर दिए जाने से Kolkata से अमेरिका और यूरोप लौट रहे सैकड़ों यात्री गल्फ और यूरोप के विभिन्न हब पर फंस गए हैं।
शनिवार को Dubai, Abu Dhabi और Doha होते हुए यूरोप या अमेरिका जाने वाली सभी पश्चिम दिशा की उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिससे कोलकाता एयरपोर्ट पर भारी अव्यवस्था फैल गई। एयर ट्रैफिक कंट्रोल अधिकारियों के अनुसार, अरब सागर के ऊपर उड़ रहे कई विमानों को डायवर्ट करना पड़ा, जिससे Mumbai एयरपोर्ट पर भी दबाव बढ़ गया। मुंबई में एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट के महाप्रबंधक ने बताया कि पश्चिम की ओर जाने वाली उड़ानें आमतौर पर मस्कट एफआईआर से होकर जाती हैं, लेकिन मस्कट अब उन उड़ानों को स्वीकार नहीं कर रहा जो आगे एमिरेट्स एफआईआर की ओर जाएँगी। मस्कट एयरपोर्ट भी पूरी तरह भर चुका है। मुंबई और कराची एयरपोर्ट भी अतिरिक्त उड़ानें लेने की स्थिति में नहीं हैं, जिससे कई विमानों के लिए वैकल्पिक एयरपोर्ट ढूँढना मुश्किल हो गया है।
कोलकाता डायवर्ट हुई उड़ान
Qatar Airways का एक कार्गो विमान, जो Hong Kong से दोहा जा रहा था, उसे शाम 5:15 बजे कोलकाता डायवर्ट करना पड़ा। भारत से पहली बड़ी डायवर्जन Air India की दिल्ली-तेल अवीव उड़ान की रही, जिसे इजराइल द्वारा अपना हवाई क्षेत्र बंद किए जाने के बाद बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा। एयर इंडिया ने बाद में मध्य-पूर्व की सभी उड़ानों को निलंबित करने की घोषणा की। कोलकाता के ट्रैवल एजेंट यात्रियों को सिंगापुर, बैंकॉक, क्वालालंपुर के रास्ते अमेरिका भेजने की कोशिश कर रहे हैं। लगभग 70% यात्री खाड़ी देशों के हब के जरिए अमेरिका जाते हैं क्योंकि कोलकाता से सीधी उड़ानें उपलब्ध नहीं हैं। एजेंटों ने यूरोप जाने वाले यात्रियों को भी यात्रा स्थगित करने की सलाह दी है। पिछले साल जून में भी इजराइल-ईरान संघर्ष के दौरान सैकड़ों उड़ानें रद्द हुई थीं और हजारों यात्री 48 घंटे तक विभिन्न एयरपोर्ट पर फँसे रहे थे। जून 2025 में इसी तरह के संकट के कारण किराए में लगभग 20% की वृद्धि हुई थी।
ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ने यह कहा
ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (TAAI) के पूर्वी क्षेत्र के अध्यक्ष अंजनी धानुका ने कहा कि युद्ध जैसी स्थिति में दुबई, अबू धाबी और दोहा जैसे हब से बचने की सलाह दी जा रही है। वहीं, ट्रैवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के पूर्वी क्षेत्र के अध्यक्ष अनिल पंजाबी ने चेतावनी दी कि यदि संघर्ष लंबा चला तो लंबा रूट लेने से ईंधन खर्च बढ़ेगा और हवाई किराए में और वृद्धि होगी। उदाहरण के लिए, न्यूयॉर्क जाने में दुबई मार्ग से 21–25 घंटे लगते हैं, जबकि सिंगापुर मार्ग से 30–45 घंटे तक लग सकते हैं, जो लेओवर समय पर निर्भर करता है। भारतीय दूतावास, अबु धाबी ने भारतीय नागरिकों को मौजूदा हालात में यात्रा से बचने की सलाह जारी की है।
कोलकाता से गल्फ के लिए साप्ताहिक उड़ानें
इमिरेट्स – दुबई (11 उड़ानें प्रति सप्ताह)
एतिहाद एयरवेज – अबू धाबी (8)
कतर एयरवेज – दोहा (7)
फ्लाई दुबई – दुबई (3)
एयर अरेबिया – अबू धाबी (3)
विभिन्न देशों में हवाई क्षेत्र की स्थिति
यूएई – आंशिक बंद; दुबई और अबू धाबी में भारी देरी और रद्दीकरण।
कतर – अस्थायी निलंबन/ प्रतिबंध ; दोहा में उड़ानें रोकी या डायवर्ट की गईं।
कुवैत – हवाई क्षेत्र पूरी तरह बंद।
ओमान – खुला, लेकिन डायवर्टेड उड़ानों से भीड़ बढ़ी।
सऊदी अरब – खुला, लेकिन उत्तरी कॉरिडोर से बचते हुए रूट बदले गए।
ईरान/इराक – वाणिज्यिक उड़ानों के लिए पूर्ण रूप से बंद।