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भूकंप के जोरदार झटके से हिल गया कोलकाता

10 सेकंड तक लोगों ने महसूस किये झटके, भूकंप का केंद्र बांग्लादेश, तीव्रता 5.5, घबराये लोग घर छोड़कर बाहर निकले

आईटी हब सॉल्टलेक के बहुमंजिला भवनों से कर्मचारी आ गये बाहर

नवान्न, विधानसभा सहित अन्य सरकारी दफ्तरोें में भी झटके का असर

सबिता, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : महानगर सहित आसपास के जिलों में शुक्रवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये। दोपहर 1.22 बजे महसूस हुआ कि इमारतें हिल गयी और दहशत में लोग सड़कों पर निकल आये। लगभग 10 सेकंड तक लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किये। आईएमडी के अधिकारी ने कहा कि भूकंप का केंद्र बांग्लादेश का सतखीरा जिला था, जो कोलकाता से लगभग 80 किलोमीटर दूर तथा उत्तर 24 परगना जिले में सीमावर्ती क्षेत्र टाकी से महज 25 किलोमीटर दूर रहा। बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में 5.5 तीव्रता का भूकंप आने के बाद कोलकाता में झटके महसूस किए गए। भूकंप धरती की सतह से 10 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया था। अच्छी बात यह रही कि भूकंप से जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। हालांकि कोलकाता के बेहला पर्णश्री रोड पर लंबी दरारें आ गयी।

क्याें इतना ज्यादा महसूस हुआ भूकंप का झटका ?

भूकंप तो पहले भी कई बार आया है मगर लोगों ने कहा कि शुक्रवार भूकंप का झटका ज्यादा महसूस हुआ। आखिर इसका कारण क्या था? इस बारे में अलीपुर मौसम विभाग के साइंटिस ने कहा कि भूकंप का केंद्र काेलकाता से सिर्फ 80 कि.मी. दूर था और नार्थ 24 परगना के बॉर्डर एरिया से और ज्यादा ही नजदीर रहा। इसलिए लोगों को झटके ज्यादा महसूस हुए है। उन्होंने यह भी कहा कि भूकंप को लेकर पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता है।

लोग घबरा कर खुली सड़कों पर आ गए

भूकंप के पहले झटके के तुरंत बाद लोग घबराकर घरों से बाहर आ गये। नवान्न, विधानसभा सहित अन्य सरकारी कार्यालयों के कर्मचारियों में दहशत फैल गयी। कुछ देर के लिए कर्मचारी नवान्न के बाहर सड़कों पर ही खड़े रहे। कोलकाता के आईटी हब सॉल्टलेक और विभिन्न हिस्सों में स्थित बहुमंजिला आवासीय भवनों में भी इसी तरह के दृश्य देखने को मिले।

एक महीने में दूसरी बार भूकंप

जानकारी के मुताबिक फरवरी में यह दूसरी बार भूकंप आया है। इससे पहले 3 फरवरी की रात 9.04 भूकंप आया था उस दौरान भूकंप का केंद्र म्यांमार में था और रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.0 दर्ज की गयी थी। लगातार भूकंप आने से लोगों में चिंता बढ़ गयी है। राज्य प्रशासन स्थिति पर नजर बनाये हुए है।

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