कोलकाता : नेपाल में आई भयावह हड़पा बाढ़ के बीच लापता पर्यटकों को लेकर चिंता अब गहराती जा रही है। अपनों की तलाश में कोलकाता का ट्रैवल क्लब ‘चलो जायें’ खुद मैदान में उतर गया है। क्लब की चार सदस्यीय विशेष टीम काठमांडू पहुंच चुकी है और लापता पर्यटकों की तलाश में जुट गई है। टीम अस्पतालों, मुर्दाघरों और संभावित ठिकानों की खाक छान रही है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय कर हर संभावित सुराग खंगाला जा रहा है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक नेपाल में लापता 105 भारतीयों में 71 पश्चिम बंगाल के निवासी हैं। इनमें ‘चलो जायें’ के साथ कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गए 30 पर्यटक भी शामिल हैं। बुधवार सुबह करीब 8 बजे के बाद इनसे संपर्क टूट गया। दल के दो मैनेजरों का भी कोई पता नहीं है।
21 अगस्त को नेपाल रवाना हुए इस दल में कोलकाता, कसबा, दुर्गापुर, चंदननगर और बारासात के लोग शामिल हैं। अमेरिका में रहने वाला एक भारतीय भी दल का हिस्सा है। दुर्गापुर निवासी मौसुमी गंगोपाध्याय को बचाकर स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन उनके पति समेत बाकी पर्यटकों की कोई खबर नहीं है।
क्लब के अधिकारी सुकर्ण सेन ने कहा, ‘‘हमारा खाना-पीना और सोना तक छूट गया है। टीम काठमांडू पहुंचकर लगातार तलाश कर रही है। अस्पतालों और मुर्दाघरों के अलावा हर संभावित स्थान पर जानकारी जुटाई जा रही है। नेपाल सरकार और काठमांडू पुलिस के संपर्क में हैं। बस यही चाहते हैं कि सभी पर्यटक सुरक्षित लौटें।’’
क्लब ने परिजनों की सहायता के लिए अपना कार्यालय 24 घंटे खुला रखा है। क्लब के दो सदस्य भी लापता हैं और उनके परिवारों से लगातार संपर्क किया जा रहा है।