मैं सबका मुख्यमंत्री हूं : शुभेंदु अधिकारी चित्र इंटरनेट से साभार
टॉप न्यूज़

मैं सबका मुख्यमंत्री हूं : शुभेंदु अधिकारी

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मुख्य मंत्री बनने के बाद वह विभिन्न आयोजनों में शामिल हुए। इस दौरान शुभेंदु जोड़ासांको ठाकुरबाड़ी में पहुंचे थे। यहां कार्यक्रम में लोग 'जय श्री राम' के नारे लगा रहे थे। इसी दौरान शुभेंदु अधिकारी ने लोगों को चुप कराया और कहा कि वह सबके मुख्यमंत्री हैं। शुभेंदु अधिकारी टैगोर के पैतृक घर पर पहुंचे थे। उन्होंने यहां कहा कि यह राजनीतिक खींचतान का समय नहीं है।

शुभेंदु अधिकारी बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के कुछ ही देर बाद रवींद्रनाथ टैगोर की 166वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देने जोड़ासांको ठाकुरबाड़ी गए थे। उन्होंने कहा कि आगे बहुत बड़ी जिम्मेदारियां हैं। जो लोग राजनीतिक खींचतान करना चाहते हैं, वे करते रहें, हम आगे बढ़ेंगे।

घुटने टेककर मस्तक जमीन पर टिकाया

मुख्यमंत्री सीधे कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण समारोह स्थल से जोड़ासांको पहुंचे। उन्होंने टैगोर की प्रतिमा के सामने घुटने टेककर अपना मस्तक ज़मीन से छुआ। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि हमने आज गुरुदेव को नमन करके अपना पदभार संभाला है। बंगाल और बंगाली संस्कृति को गुरुदेव की चेतना और आदर्शों से ही दिशा मिलनी चाहिए। आज उसी शुभ शुरुआत का दिन है।

'यह जय श्री राम बोलने की जगह नहीं'

शुभेंदु अधिकारी जब बोल रहे थे, तो ठाकुरबाड़ी परिसर में जमा भीड़ में से 'जय श्री राम' के नारे गूंजने लगे। अधिकारी ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और भीड़ से ऐसे नारे न लगाने को कहा। उन्होंने कहा, यह 'जय श्री राम' बोलने की जगह नहीं है, यहां सिर्फ 'कविगुरु' का नाम लिया जाता है।

जहां से की पढ़ाई, वहां पहुंचे शुभेंदु

ठाकरबाड़ी के बाद मुख्यमंत्री ने रवींद्र भारती विश्वविद्यालय की कुलपति सोनाली चक्रवर्ती बनर्जी और संस्थान के कुछ अन्य लोगों के साथ कुछ समय बातचीत की। इस विश्वविद्यालय का एक परिसर ठाकुरबाड़ी के साथ ही स्थित है।

RBU के एक अधिकारी ने बताया कि चूंकि मुख्यमंत्री हमारे विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं, इसलिए प्रशासन ने उनसे परिसर में कुछ समय बिताने का अनुरोध किया था। उन्होंने (RBU से ही) पर्यावरण अध्ययन में अपनी मास्टर डिग्री हासिल की थी। उन्होंने हमारा अनुरोध स्वीकार किया, 'विचित्र भवन' में कुलपति से बातचीत की और काली चाय के साथ कुछ 'निमकी' का आनंद लिया।

SCROLL FOR NEXT