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भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रसार पर ICCR और Sanmarg में अहम चर्चा

हिंदी, योग, आयुर्वेद और कला-संगीत को दुनिया तक पहुंचाने पर सहयोग की तैयारी

Bishakhaa Tiwari

कोलकाता/नई दिल्ली: भारतीय कला, संस्कृति और परंपराओं को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने को लेकर Sanmarg की प्रबंध निदेशक ने Indian Council for Cultural Relations (ICCR) के उपमहानिदेशक Rajesh Ranjan से सौजन्य भेंट की। इस बैठक में दोनों पक्षों के बीच भविष्य की योजनाओं और सांस्कृतिक पहलों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के दौरान भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के लिए संभावित सहयोगों पर विचार किया गया। खासतौर पर हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, भारतीय शास्त्रीय नृत्य-संगीत, योग, आयुर्वेद और सांस्कृतिक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

इस मौके पर राजेश रंजन ने आश्वासन दिया कि इन सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा और विभिन्न सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग को और गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ICCR भारतीय संस्कृति को विश्व स्तर पर स्थापित करने के लिए लगातार प्रयासरत है और ऐसे सहयोग इस दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।

बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि भारतीय संस्कृति के प्रभावी वैश्विक प्रसार के लिए मीडिया और सांस्कृतिक संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है।

दोनों पक्षों ने भविष्य में संयुक्त पहल शुरू करने और सांस्कृतिक गतिविधियों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई, ताकि भारत की समृद्ध परंपरा और ज्ञान को विश्वभर में और अधिक पहचान मिल सके।

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