टॉप न्यूज़

पर्यटकों के लिए खुला काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, जीप सफारी शुरू

20 दिनों में हाथी सफारी शुरू होने की उम्मीद

Krishna Das Parth

गुवाहाटी : असम के विश्वप्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान को वार्षिक मानसून अवकाश के बाद शनिवार को 2026-27 के पर्यटन सत्र के लिए फिर से खोल दिया गया। इसके साथ ही देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए इस राष्ट्रीय उद्यान में वन्यजीवों तथा प्राकृतिक सुंदरता को करीब से देखने का अवसर उपलब्ध हो गया है। असम के पर्यावरण एवं वन मंत्री जयंत मल्लबरुआ ने सेंट्रल कोहोरा रेंज में आयोजित समारोह के दौरान उद्यान को औपचारिक रूप से पर्यटकों के लिए खोला। उद्घाटन समारोह में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अतुल बोरा और काजीरंगा के सांसद कामाख्या प्रसाद तासा सहित अन्य अधिकारी और वन विभाग के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार, शनिवार से उद्यान में जीप सफारी शुरू कर दी गई है। वहीं, हाथी सफारी के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी होने के बाद अगले 20 दिनों के भीतर इसे भी शुरू करने की उम्मीद है।

पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद

उद्यान को दोबारा खोले जाने के अवसर पर वन मंत्री जयंत मल्लबरुआ ने उम्मीद जताई कि नए पर्यटन सत्र में पिछले वर्ष की तुलना में अधिक पर्यटक काजीरंगा पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि काजीरंगा असम की प्राकृतिक संपदा, जैव विविधता और वन्यजीवों की समृद्ध विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां आने वाले पर्यटकों को राज्य के जंगलों, वन्यजीवों और प्राकृतिक सुंदरता को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान असम के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। हर वर्ष बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक यहां वन्यजीवों को देखने और जंगल सफारी का अनुभव लेने पहुंचते हैं। मानसून के दौरान वार्षिक अवकाश के कारण पर्यटन गतिविधियां बंद रहती हैं। इस अवधि में वन्यजीवों की सुरक्षा, प्राकृतिक आवास और आवश्यक व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाता है। नए पर्यटन सत्र की शुरुआत से स्थानीय पर्यटन व्यवसाय, होटल, परिवहन, गाइड और अन्य संबंधित गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। जीप सफारी शुरू होने के साथ पर्यटक अब निर्धारित मार्गों से उद्यान की प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों का अवलोकन कर सकेंगे। हाथी सफारी शुरू होने के बाद पर्यटकों के लिए अनुभव के और विकल्प उपलब्ध होंगे। काजीरंगा अपने एक सींग वाले भारतीय गैंडे के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। इसके अलावा यहां हाथी, जंगली भैंसे, हिरण और विभिन्न प्रकार के पक्षियों सहित अनेक वन्यजीव पाए जाते हैं। नए सत्र में उद्यान प्रबंधन के सामने पर्यटन गतिविधियों के साथ वन्यजीव संरक्षण और प्राकृतिक पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।

SCROLL FOR NEXT