कोलकाता : मध्य एशियाई देश कजाखस्तान ने पश्चिम बंगाल को पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया का रणनीतिक प्रवेश द्वार बताते हुए राज्य में निवेश में गहरी रुचि दिखाई है। इसी उद्देश्य से सितंबर में कजाखस्तान का एक उच्चस्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भारत आएगा और भारतीय उद्योग समूहों के साथ निवेश एवं व्यापार के अवसरों पर चर्चा करेगा।
हाल ही में कोलकाता में मर्चेंट्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एमसीसीआई) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भारत में कजाखस्तान के राजदूत येसकरायेव अजामत ने कहा कि दोनों पक्ष दवा, खनन, ऊर्जा, विनिर्माण और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहते हैं।
उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल से चाय, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, दवाइयों, इंजीनियरिंग उत्पादों, चमड़ा और रसायनों के निर्यात की अच्छी संभावनाएं हैं। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी, लॉजिस्टिक्स, फिनटेक, शिक्षा, पर्यटन और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में भी संयुक्त पहल की व्यापक संभावनाएं हैं।
राजदूत ने कहा कि कजाखस्तान भारतीय उद्योग, सरकार और शैक्षणिक संस्थानों के साथ आर्थिक संबंध मजबूत करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि कजाखस्तान के प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख भारतीय कंपनियों, जिनमें टाटा समूह भी शामिल है, के साथ बैठकें होंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सहयोग से पश्चिम बंगाल के उद्योग, निर्यात और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।