निधि, सन्मार्ग संवाददाता
कांकीनाड़ा : सियालदह मेन लाइन के कांकीनाड़ा स्टेशन के पास रविवार को 59 वर्षीय हॉकर कार्तिक साव ने एक्सप्रेस ट्रेन आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। वह विभिन्न ट्रेनों में झालमुड़ी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाला एकमात्र कमाऊ सदस्य था। परिजनों और सहकर्मियों के अनुसार, 1 जुलाई से ट्रेनों में हॉकिंग पर पूरी तरह रोक लगाने के रेलवे के नए निर्देश और दोगुने जुर्माने के कानून से कार्तिक गहरे मानसिक तनाव में था। उसके बेटे राहुल का आरोप है कि पिछले हफ्ते ही उसपर जुर्माना लगाया गया था, जिससे वह रोजगार छिनने को लेकर बेहद चिंतित था।
शनिवार की दोपहर भोजन के बाद वह काम पर निकला, लेकिन रात में घर नहीं लौटा और अगले दिन यह आत्मघाती कदम उठा लिया। सोमवार को इस घटना की जानकारी पाकर सीटू नेता गार्गी चटर्जी कांकीनाड़ा पहुंची और पीड़ित परिवार से बात की। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कभी चुनाव प्रचार में झाड़ग्राम आकर पीएम ने झालमुड़ी खाई थी, लेकिन आज उसी झालमुड़ी विक्रेता को अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने सवाल उठाया कि अब इस परिवार की जिम्मेदारी कौन लेगा?