नयी दिल्ली : ‘जेन जी’ प्रदर्शनकारियों को ‘‘जेनरेशन गटर’’ कहकर विवाद खड़ा करने के कुछ दिनों बाद अभिनेत्री-नेता कंगना रनौत ने शुक्रवार को अपना रुख बदलते हुए उनकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि ‘जेन जी’ भारत की सबसे बड़ी ताकत है और देश की संस्कृति एवं पहचान के दूत हैं।
‘जेन जी हमारे देश की ताकत है और एक तरह से राष्ट्र के लिए बड़ी संपत्ति है। हमें खुशी है कि हमारे युवा तेजी से हमारी संस्कृति और पहचान के दूत के रूप में उभर रहे हैं।’
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के ‘जेन जी’ के समर्थन में बयान देने के एक दिन बाद रनौत ने भी उनकी बातों का समर्थन किया। भागवत ने कहा था कि ‘जेन जी’ की मांगों पर ध्यान दिया जाना चाहिए और युवाओं को राष्ट्र-विरोधी नहीं माना जाना चाहिए। रनौत ने संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘‘जेन जी हमारे देश की ताकत है और एक तरह से राष्ट्र के लिए बड़ी संपत्ति है। हमें खुशी है कि हमारे युवा तेजी से हमारी संस्कृति और पहचान के दूत के रूप में उभर रहे हैं।’’
यह बेहद खुशी की बात है कि देश के युवा हमसे जुड़ रहे हैं और अपनी सांस्कृतिक पहचान को अपना रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश के मंडी से भारतीय जनता पार्टी सांसद ने कहा, ‘‘हमें मोहन भागवत जी, जिनका हम बहुत सम्मान करते हैं, को सुनने और उनके ज्ञान व अनुभव से लाभ लेने का अवसर भी मिला है। यह बेहद खुशी की बात है कि देश के युवा हमसे जुड़ रहे हैं और अपनी सांस्कृतिक पहचान को अपना रहे हैं।’’ रनौत ने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने के लिए रांची नहीं जाने को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भी आलोचना की।
रनौत की ‘कॉकरोच जनता पार्टी' (कॉजपा) के विरोध-प्रदर्शन पर भड़काऊ टिप्पणियों की वजह से भारी आलोचना हुई थी। उन्होंने झारखंड में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों और पदक जीतने वाले उन खिलाड़ियों की सराहना की, जिन्होंने अपनी जीत प्रधानमंत्री को समर्पित की। रनौत ने कहा, ‘‘जेन जी सरकार का हिस्सा है। यह उनका जनादेश है, जिसे हमारी सरकार इतने वर्षों से पूरा कर रही है। जेन जी बहुत अच्छे हैं। ऐसा नहीं है कि गाली-गलौज करने वाले 10-15 लोग ही जेन जी हैं।’’ उन्होंने यह भी कहा कि कुछ गिने-चुने युवा ‘जेन जी’ की छवि खराब कर रहे हैं।
भागवत ने क्या कहा था ?
भागवत ने बृहस्पतिवार को मुंबई में कहा था कि युवा ‘‘हमारी अगली पीढ़ी’’ हैं और उनके प्रति प्रेम होना चाहिए। उन्होंने कहा था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले युवाओं पर ‘‘राष्ट्र-विरोधी’’ होने का आरोप नहीं लगाया जाना चाहिए। रनौत की शुक्रवार की टिप्पणी उनके पहले के रुख से बड़ा बदलाव दिखाती है। उन्होंने इससे पहले कई वीडियो साझा कर कॉजपा प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधा था और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत अन्य नेताओं के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर उनकी आलोचना की थी।
रनौत ने पहले क्या कहा था ?
रनौत ने इससे पहले कहा था, ‘‘मैंने अपनी जिंदगी में कभी एक जगह पर इतनी घटिया चीजें नहीं देखी। जेन जी के प्रदर्शनों से जुड़े ये रील्स घृणा पैदा करने वाले हैं। जिस तरह से वे बोल रहे हैं और जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, मैंने अपनी जिंदगी में कभी एक जगह पर इतनी खराब और भद्दी चीजें एक साथ नहीं देखीं। यह देखकर हैरानी होती है कि इन्हें कौन जन्म दे रहा है और कौन इनकी परवरिश कर रहा है ?’’ उन्होंने यह भी कहा था, ‘‘यह तथाकथित पश्चिमी सोच वाली भारतीय महिलाओं की एक नयी पीढ़ी है। मैं इसे ‘जेनरेशन गटर’ कहती हूं।’’