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कामदुनी मामले की दोबारा खुलेगी फाइल: शमीक भट्टाचार्य

तृणमूल सरकार पर लगा जांच भटकाने का आरोप,कहा- पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना हमारी प्राथमिकता

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित और जघन्य कामदुनी सामूहिक बलात्कार और हत्याकांड को लेकर राज्य की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने इस मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का पूरा भरोसा दिया है। उन्होंने दावा किया कि पूरा पश्चिम बंगाल चाहता है कि कामदुनी कांड की फाइल दोबारा खोली जाए और असल दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए।

शमीक भट्टाचार्य ने तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक हितों और ब्लॉक स्तर के चुनावों को ध्यान में रखकर जांच प्रक्रिया को जानबूझकर भटकाया गया था। पुलिस ने अदालत के सामने इस तरह से आधी-अधूरी और कमजोर चार्जशीट पेश की कि जजों के पास पुख्ता सबूतों के अभाव में आरोपियों को बरी या उनकी सजा कम करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। भाजपा नेता ने स्पष्ट किया कि अपराधियों का न्याय उनके अपराध के आधार पर होना चाहिए, न कि किसी धर्म या राजनीतिक तुष्टिकरण के चश्मे से।

पीड़ित परिवार ने फिर लगाई न्याय की गुहार

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि कामदुनी की पीड़िता के परिवार ने हाल ही में उनसे मुलाकात कर दोबारा न्याय की गुहार लगाई है, जिसके बाद पार्टी ने इस मुद्दे को पूरी गंभीरता से उठाने का फैसला किया है। उन्होंने साफ कहा कि इस जघन्य अपराध के दोषी किसी भी कीमत पर बच नहीं पाएंगे।

गौरतलब है कि जून 2013 में उत्तर 24 परगना के कामदुनी में एक कॉलेज छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार के बाद उसकी नृशंस हत्या कर दी गई थी। साल 2016 में निचली अदालत ने तीन दोषियों को फांसी और तीन को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, बाद में कोलकाता हाईकोर्ट ने सबूतों की कमी के कारण कुछ आरोपियों की सजा कम कर दी और कुछ को बरी कर दिया, जिसके खिलाफ मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद अब इस एक दशक पुराने मामले को लेकर न्याय की उम्मीदें फिर से जाग गई हैं।

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