निधि, सन्मार्ग संवाददाता
कमरहट्टी : तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शासनकाल से ही सागर दत्त अस्पताल विवादों और कथित भ्रष्टाचार का केंद्र रहा है। पूर्ववर्ती सरकार के दौरान खुद टीएमसी विधायक मदन मित्रा भी इस अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर कई बार सवाल उठा चुके थे। अब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा नेता अरूप चौधरी ने अस्पताल परिसर में पहुंचकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, "अब राज्य में तृणमूल की नहीं, बल्कि भाजपा की सरकार है। यहां अब किसी भी तरह का भ्रष्टाचार या दलाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" अस्पताल अधीक्षक प्रार्थ प्रतीम प्रधान को सौंपे गए डेपुटेशन में भाजपा ने कई गंभीर मुद्दे उठाए हैं।
दलाल राज खत्म करने की रखी मांग
अरूप चौधरी ने आरोप लगाया कि अस्पताल में मरीजों को भर्ती कराने के नाम पर एक बड़ा दलाल चक्र सक्रिय है, जो पैसों के बदले बेड आवंटित करता है। इसके अलावा, एम्बुलेंस सेवाओं में अवैध वसूली, मुफ्त दवाओं की कालाबाजारी और अस्थायी कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन न मिलने जैसे मुद्दों पर भी जवाब मांगा गया है। अस्पताल आने वाले मरीजों के परिजनों की अक्सर यह शिकायत रहती है कि अस्पताल प्रशासन और सुरक्षाकर्मियों का व्यवहार उनके प्रति बेहद संवेदनहीन होता है। इस पर भाजपा नेता ने हुंकार भरते हुए कहा कि अस्पताल अधिकारियों को मरीजों के परिवारों के साथ अपना व्यवहार सुधारना होगा, अन्यथा हमारी सरकार इस पर सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।