निधि, सन्मार्ग संवाददाता
कल्याणी: चिकित्सा जगत में अपनी दक्षता का लोहा मनवाते हुए कल्याणी के जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल (JNM) अस्पताल के डॉक्टरों ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसे करने में बड़े संस्थान ने भी हाथ खड़े कर दिए थे। उत्तर 24 परगना के कांचरापाड़ा निवासी विश्वनाथ दास की आंखों और चेहरे की बेहद जटिल सर्जरी को JNM के डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। सबसे राहत की बात यह है कि यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क संपन्न हुई।
क्या था मामला?
8 जनवरी 2024 को एक सड़क दुर्घटना में विश्वनाथ दास गंभीर रूप से घायल हो गए थे। डंपर से हुई टक्कर में उनकी दाहिनी आंख के ऊपरी हिस्से और चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं। परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए कल्याणी के बड़े अस्पताल ले गए थे। परिजनों का आरोप है कि वहां करीब तीन महीने तक उन्हें टालमटोल का सामना करना पड़ा। कभी विशेषज्ञ डॉक्टर न होने की बात कही गई, तो कभी 35 हजार रुपये से अधिक का खर्च बताया गया। अंततः निराश होकर परिजन उन्हें वापस कल्याणी JNM अस्पताल ले आए।
3 घंटे चला ऑपरेशन
JNM अस्पताल के ईएनटी और डेंटल विभाग के विशेषज्ञों की एक चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया। डॉ. कुशल चटर्जी के नेतृत्व में डॉ. प्रोटॉन घोष, आकाश अधिकारी और प्रोफेसर इंद्रजीत पाल की टीम ने करीब तीन घंटे तक ऑपरेशन किया। डॉक्टरों ने बताया कि चोट लगने के तीन महीने बाद ऐसी सर्जरी करना एक बड़ी चुनौती थी। इसमें कीमती 'टाइटेनियम प्लेट' का उपयोग कर क्षतिग्रस्त हिस्से को फिर से ठीक किया गया।
डॉक्टरों के अनुसार, अगले छह हफ्तों में विश्वनाथ पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे। सफल ऑपरेशन के बाद विश्वनाथ और उनके परिवार ने अस्पताल के प्रति आभार व्यक्त किया है, वहीं केंद्रीय अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।