निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बैरकपुर: दुर्गापूजा के पावन दिनों में कल्याणी एक्सप्रेसवे पर लापरवाही के कारण 6 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और कई अन्य घायल हो गए। हालांकि, राहत की बात यह है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार हादसों में काफी कमी आई है। गत वर्ष पूजा के दौरान इसी मार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं में 18 लोगों की मौत हुई थी।
रेसिंग और फिसलन बने हादसे का कारण
आरोप है कि रात गहराते ही कल्याणी एक्सप्रेसवे पर बाइक और तेज रफ्तार गाड़ियों की रेसिंग शुरू हो जाती है, जहां गति सीमा के नियमों की अनदेखी की जाती है। हाल ही में एक चार पहिया गाड़ी के पलटने से एक दंपति की दर्दनाक मौत हो गई। इसके अलावा, काँपा से जांगुलिया तक सड़क पर तेल गिरने से रास्ता फिसलन भरा हो गया था, जिसके कारण कई बाइकों के पहिए फिसल गए और दुर्घटनाएं हुईं। बैरकपुर का वायरलेस मोड़ और सोदपुर का मुड़ागाछा इलाका सबसे अधिक दुर्घटना-संभावित क्षेत्रों में गिना जाता है।
पुलिस की मुस्तैदी से सुधर रहे हालात
बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के डीसी ट्रैफिक राजनारायण मुखर्जी ने बताया कि गति नियंत्रण के लिए पहले ही बोर्ड लगाए गए हैं, लेकिन चालकों की अनदेखी से हादसे होते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस के विशेष प्रयासों के कारण ही पिछले साल के मुकाबले इस बार आंकड़े कम हुए हैं और भविष्य में तेज रफ्तार चालकों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बेपरवाह ड्राइविंग पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने चतुर्थी के दिन से ही कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए थे। ट्रैफिक कर्मियों द्वारा 24 घंटे निगरानी रखी गई और ब्रेथ एनालाइजर के जरिए यह जांच की गई कि चालकों ने शराब तो नहीं पी है। निर्धारित गति से तेज वाहन चलाने वालों पर लगातार जुर्माना लगाया गया।