मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : जादवपुर यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (JUTA) ने पश्चिम बंगाल संयुक्त प्रवेश परीक्षा (WBJEE) बोर्ड द्वारा विकेंद्रीकृत (डिसेंट्रलाइज्ड) काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू करने के हालिया निर्णय का कड़ा विरोध किया है। JUTA का तर्क है कि इस नियम से इंजीनियरिंग कॉलेजों में पहले से प्रवेश ले चुके होनहार छात्रों को अपनी पसंद के विभाग में अपग्रेड करने का अवसर नहीं मिल पाएगा, जबकि खाली सीटें कम रैंक वाले उन उम्मीदवारों को आवंटित कर दी जाएंगी जिन्हें अब तक कहीं भी प्रवेश नहीं मिला है।
JUTA ने अधिसूचना वापस लेने की मांग की
JUTA के जनरल सेक्रेटरी पार्थ प्रतिम रॉय ने स्पष्ट किया कि शीर्ष रैंक वाले छात्रों को बीच प्रक्रिया में अपग्रेड के मौके से वंचित करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है। एसोसिएशन ने 12वीं बोर्ड परीक्षा के अंकों को दाखिले का आधार बनाने के निर्णय पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, क्योंकि प्रवेश केवल WBJEE और JEE-Main के स्कोर और रैंक के आधार पर ही होना चाहिए। इसके अलावा, JUTA ने WBJEE और JEE-Main के अलग-अलग मूल्यांकन स्तरों के बीच समानता तय करने के तरीके पर भी सवाल उठाए हैं। शिक्षा के हित में एसोसिएशन ने इस अधिसूचना की तुरंत समीक्षा कर इसे वापस लेने की मांग की है ताकि प्रवेश प्रक्रिया में पूरी तरह निष्पक्षता बनी रहे और मेधावी छात्रों के अधिकारों की पूरी रक्षा हो सके।