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जॉइंट एक्शन फोरम राजनीतिक एजेंडा चला रहा : डॉ. जिजीथ रेख

कांग्रेस से जुड़े नामों का फोरम में होने का दावा

सरकारी नियंत्रण में रहेंगे अंडमान के कॉलेज

विश्वविद्यालय का कार्य परीक्षा और डिग्री प्रदान करना

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : भारतीय जनता पार्टी अंडमान एवं निकोबार राज्य इकाई के मुख्य प्रवक्ता डॉ. जिजीथ रेख ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि स्वयं को “नॉन-पॉलिटिकल” बताने वाला जॉइंट एक्शन फोरम वास्तव में राजनीतिक संगठन की तरह कार्य कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि फोरम के पदाधिकारियों में कांग्रेस से जुड़े कई नाम शामिल हैं, जिससे उसके गैर-राजनीतिक होने का दावा संदेहास्पद हो जाता है। डॉ. रेख ने कहा कि यदि यह मंच सातों कॉलेजों के छात्रों द्वारा स्वतंत्र रूप से गठित होता तो इसे गैर-राजनीतिक माना जा सकता था, लेकिन वर्तमान स्वरूप में यह राजनीतिक एजेंडा चलाने का माध्यम बन गया है। उनके अनुसार छात्रों को अफवाहों और अधूरी जानकारी के जरिए भड़काया जा रहा है। डीम्ड यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर उन्होंने अपने इंजीनियरिंग अध्ययन काल का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके कॉलेज को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने के बाद नए तकनीकी पाठ्यक्रम शुरू हुए और संस्थान का ढांचा मजबूत हुआ। उन्होंने कहा कि डीम्ड यूनिवर्सिटी का अर्थ शिक्षा का स्तर गिरना नहीं, बल्कि स्थानीय जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रमों में लचीलापन आना है। फीस बढ़ोतरी की आशंकाओं पर बोलते हुए डॉ. रेख ने स्पष्ट किया कि अंडमान के सरकारी कॉलेज सरकारी नियंत्रण में ही रहेंगे और फीस संरचना भी सरकार ही तय करेगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का मुख्य कार्य परीक्षा आयोजित करना, परिणाम घोषित करना और डिग्री प्रदान करना होता है, जबकि कॉलेज संचालन अलग विषय है। उन्होंने दावा किया कि आगामी पाँच वर्षों तक फीस न बढ़ाने संबंधी आश्वासन भी दिया जा चुका है। डॉ. रेख ने यह भी बताया कि गृह मंत्री को डोमिसाइल संबंधी प्रतिनिधित्व दिया गया है और यह प्रक्रिया प्रगति पर है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। अंत में उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहकर स्वयं शोध करें और किसी भी अनिश्चितता या बंद-हड़ताल के बजाय सकारात्मक संवाद का मार्ग अपनाएं।

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