कोलकाता: राज्य सरकार ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व भाजपा सांसद जॉन बारला को अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया है। जॉन बारला के पदस्थ होने की संभावित खबर सम्मार्ग ने करीब पाँच महीने पहले दी थी। गुरुवार को जारी गजट अधिसूचना में उनकी नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा की गई।
भाजपा से तृणमूल कांग्रेस में आने के छह महीने बाद यह पहली बार है जब बारला को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गयी है। तृणमूल सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्वयं जॉन बारला पर भरोसा जताते हुए यह दायित्व सौंपा है। नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए बारला ने कहा, मैं दीदी (ममता) और अभिषेक बनर्जी का आभारी हूँ। उनके विश्वास की मर्यादा रखने के लिए मैं पूरी निष्ठा से काम करूँगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर बंगाल में भाजपा लगातार विभाजन की राजनीति कर रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के आदर्शों को आगे रखकर सर्वधर्म समन्वय की राह पर चलेंगे। बारला ने यह भी कहा कि वह उत्तर बंगाल, खासकर चाय बागान क्षेत्रों के लोगों के साथ हमेशा खड़े थे और आगे भी रहेंगे।
विभाग से निर्देश मिलते ही वे जल्द कोलकाता आकर औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करेंगे। उल्लेखनीय है कि 15 मई को जॉन बारला ने भाजपा छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में प्रवेश किया था।
राजनीतिक हलकों में तब से ही चर्चा थी कि उन्हें अल्पसंख्यक आयोग में बड़ा पद मिल सकता है। 14 अगस्त को आयोग के नियमों में संशोधन के बाद उनके लिए रास्ता साफ हुआ, और गुरुवार को राज्य सरकार ने उनकी नियुक्ति पर मुहर लगा दी।