निधि, सन्मार्ग संवाददाता
जगदल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले जगदल और भाटपाड़ा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया है। रविवार देर रात जगदल थाने के ठीक सामने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भाजपा समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़प, गोलीबारी और बमबारी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने भाटपाड़ा नगर पालिका के वार्ड नंबर 2 के पार्षद गोपाल राउत समेत चार तृणमूल कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। इन सभी को आज बैरकपुर अदालत में पेश किया गया।
अर्जुन सिंह का दावा: 'प्रधानमंत्री की सभा को विफल करने की साजिश'
इस पूरी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरी हिंसा प्रधानमंत्री की आगामी जनसभा को बाधित करने के लिए प्रायोजित की गई थी। अर्जुन सिंह ने भाजपा उम्मीदवार पवन सिंह की जान को खतरा बताते हुए कहा कि रविवार रात जिस तरह से जगदल भाजपा प्रत्याशी राजेश कुमार पर हमला किया गया, अगर समय रहते बचाव न होता तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने के लिए उनके घरों के सामने बमबारी और गोलीबारी की जा रही है।
टीएमसी का पलटवार: पुलिस और चुनाव आयोग पर सवाल
दूसरी ओर, अपने पार्षद की गिरफ्तारी से भड़की तृणमूल कांग्रेस ने इसे 'राजनीतिक प्रतिशोध' करार दिया है। बैरकपुर के सांसद पार्थ भौमिक ने इस मामले में चुनाव आयोग और बैरकपुर पुलिस कमिश्नर की भूमिका पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने सीधा आरोप लगाते हुए कहा, "पुलिस और चुनाव आयोग दोनों भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं। हमारे नेताओं को चुन-चुनकर गिरफ्तार करना एक सोची-समझी साजिश है।" वहीं, गिरफ्तार पार्षद गोपाल राउत ने अदालत ले जाते समय दावा किया कि उन्हें इस मामले में जानबूझकर फंसाया गया है।
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
घटना के बाद से ही जगदल और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अर्धसैनिक बलों (CAPF) और पुलिस की भारी टीम गश्त कर रही है। पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी और तलाशी अभियान चला रही है।