Israel के लड़ाकू विमानों ने शुक्रवार तड़के Tehran के केंद्र में बड़ा हवाई हमला किया। इस हमले का निशाना Iran के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei के नेतृत्व परिसर के नीचे बना भूमिगत बंकर था। Israeli Air Force के अनुसार इस ऑपरेशन में लगभग 50 लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया। यह हमला Mossad और Israeli Military Intelligence से मिली सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया।
इज़राइली सेना के मुताबिक यह बंकर युद्ध की स्थिति में खामेनेई के सुरक्षित संचालन केंद्र के रूप में तैयार किया गया था। हालांकि ऑपरेशन “Roaring Lion” के दौरान पहले ही हुए हमलों में खामेनेई की मौत हो चुकी थी, इसलिए वह इस बंकर का उपयोग नहीं कर पाए। उनके निधन के बाद भी यह परिसर ईरानी शासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा था।
इज़राइल का दावा है कि ईरान ने कई वर्षों तक इस भूमिगत ठिकाने को विकसित किया था, ताकि वहां से सैन्य योजनाओं को संचालित किया जा सके। बताया गया कि यह बंकर तेहरान के कई हिस्सों में फैला हुआ था और इसमें कई प्रवेश द्वार तथा अधिकारियों की बैठकों के लिए अलग-अलग कमरे मौजूद थे।
इस हमले से पहले इज़राइल की खुफिया एजेंसियों ने लंबे समय तक जानकारी जुटाई और विस्तृत शोध किया। इज़राइली सेना का कहना है कि इस बंकर के नष्ट होने से ईरानी शासन की कमांड और नियंत्रण क्षमता को बड़ा झटका लगा है।
खामेनेई, जिन्होंने 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में तीन दशकों से अधिक समय तक सत्ता संभाली, संयुक्त United States और इज़राइल के हमले में मारे गए। उनके बाद सरकार ने देश में 40 दिन के सार्वजनिक शोक और सात दिन की राष्ट्रीय छुट्टी की घोषणा की है।