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पाकिस्तान को इजरायल ने लथेड़ा, बोला- ‘न भरोसे लायक, न मध्यस्थता के काबिल’

इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने पाकिस्तान की भूमिका पर उठाए सवाल, कहा- आतंकवाद और कट्टरपंथ से जुड़े देश पर कैसे किया जाए भरोसा?

नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच खुद को ‘शांतिदूत’ के रूप में पेश कर रहे पाकिस्तान को इजरायल ने एक बार फिर आड़े हाथों लिया है। भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस्लामाबाद न तो भरोसेमंद है और न ही किसी विवाद में मध्यस्थता करने की क्षमता रखता है।

अजार का यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव कम कराने में अपनी भूमिका का दावा कर रहा है।

'मध्यस्थ वही बन सकता है जिस पर भरोसा हो'

इजरायली राजदूत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी संघर्ष में मध्यस्थता के लिए ऐसे पक्ष की जरूरत होती है जिस पर सभी पक्षों को भरोसा हो।

उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के पास न तो मध्यस्थता करने की क्षमता है और न ही वह ऐसा देश है जिस पर भरोसा किया जा सके।"

पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप

रूवेन अजार ने पाकिस्तान के अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि उसका झुकाव हमेशा आतंकवाद और कट्टरपंथी ताकतों की ओर रहा है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "अगर कट्टरपंथी विचारधाराओं का समर्थन करने वाले ही शांति वार्ता के मध्यस्थ बनेंगे, तो उसके सकारात्मक परिणाम की उम्मीद कैसे की जा सकती है?"

अमेरिका को भी दी चेतावनी

इजरायली राजदूत ने अमेरिका को भी पाकिस्तान को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन को पाकिस्तान के दावों और उसके इरादों को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए।

अजार के मुताबिक, क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए विश्वसनीय और निष्पक्ष भूमिका निभाने वाले देशों की जरूरत है।

ट्रंप-नेतन्याहू विवाद की खबरों को बताया गलत

इस दौरान अजार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच मतभेद की खबरों को भी खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के संबंध मजबूत हैं और उनके बीच किसी तरह का गंभीर विवाद नहीं है।

लेबनान को लेकर दोनों नेताओं के बीच सामने आई कथित असहमति को अजार ने "मैत्रीपूर्ण रणनीतिक मतभेद" बताया और कहा कि इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है।

पाकिस्तान की भूमिका पर फिर उठे सवाल

गौरतलब है कि हाल के महीनों में पाकिस्तान ने कई बार दावा किया है कि वह पश्चिम एशिया में तनाव कम कराने और संवाद बहाल कराने में भूमिका निभा सकता है। हालांकि इजरायल लगातार उसकी विश्वसनीयता और निष्पक्षता पर सवाल उठाता रहा है।

इजरायल के ताजा बयान के बाद क्षेत्रीय कूटनीति में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर नई बहस छिड़ गई है।

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