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हजारों निजी स्कूलों में अनियमितता, शिक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई

एक पोर्टल पर दर्ज होगी स्कूलों की जानकारी

शो-कॉज नोटिस और जुर्माने पर विभाग करेगा अंतिम फैसला

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : राज्य के एक हजार से ज्यादा प्राइवेट स्कूलों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। स्कूल रिकॉर्ड में छात्र होने के बावजूद 'बंग्लार शिक्षा' पोर्टल पर उनका एनरोलमेंट जीरो दिखा रहा है। कई स्कूलों के पास राज्य सरकार का 'नो-ऑब्जेक्शन' सर्टिफिकेट भी गायब है। विकास भवन के सूत्रों के अनुसार हालिया राज्यव्यापी जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है। स्कूल शिक्षा विभाग और जिला प्रशासकों की हालिया उच्चस्तरीय बैठक में इन मामलों पर चिंता जताई गई। विभाग ने सभी जिला निरीक्षकों को तत्काल डेटा की जांच करने, नियमित निरीक्षण करने और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

हर जिले में प्राइवेट स्कूलों की मास्टर लिस्ट होगी तैयार

विभाग द्वारा जारी निर्देश के तहत हर जिले में प्राइवेट स्कूलों की एक मास्टर लिस्ट तैयार की जा रही है। इसमें स्कूल का नाम, UDISE कोड, बोर्ड से जुड़ाव, मान्यता की स्थिति और जरूरी कागजात का पूरा ब्योरा शामिल है। स्कूलों को अपने एनओसी और संबद्धता प्रमाण पत्र गूगल फॉर्म के जरिए अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से छात्र-शिक्षक अनुपात, बुनियादी ढांचे, अग्निशमन सुरक्षा, पेयजल, स्वच्छता, प्रयोगशाला, खेल का मैदान और बाल सुरक्षा के नियमों की बारीकी से जांच की जा रही है।

डेटा अपडेट नहीं, विभाग करेगा सख्त कार्रवाई

बुधवार को हुई बैठक में 'राइट टू एजुकेशन एक्ट, 2009' के तहत दोषी स्कूलों पर भारी जुर्माना लगाने और उन्हें 'शो-कॉज' नोटिस जारी करने पर विचार किया गया। हालांकि, अभी तक कोई लिखित निर्देश जारी नहीं हुआ है और आधिकारिक बयान का इंतजार है। दक्षिण बंगाल के एक जिला अधिकारी ने पुष्टि की है कि पोर्टल पर छात्रों की संख्या शून्य दिखने और डेटा अपडेट नहीं होने के असली कारणों की भी गहराई से जांच की जाएगी।

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