ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि देश अस्थायी युद्धविराम के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से नहीं खोलेगा। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार अधिकारी ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिकी प्रशासन स्थायी युद्धविराम के लिए तैयार नहीं है और तेहरान को पाकिस्तान द्वारा भेजे गए सीजफायर प्रस्ताव की समीक्षा की जा रही है।
अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में 45 दिन के युद्धविराम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की बात कही गई है, ताकि दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता तैयार हो सके। इस प्रस्ताव को मिस्र, पाकिस्तान और तुर्किये के मध्यस्थों ने आगे बढ़ाया है और इसे ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची तथा अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ को भेजा गया है।
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कड़े शब्दों में ईरान को चेतावनी दी और कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल दिया जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे और अन्य ठिकानों पर कार्रवाई कर सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि ईरान द्वारा अमेरिकी विमान गिराए जाने के बाद अमेरिकी सेना ने दो पायलटों को सुरक्षित बचा लिया है और इस अभियान के बाद वह ओवल ऑफिस से मीडिया को संबोधित करेंगे।
मध्य-पूर्व के अधिकारियों के अनुसार युद्धविराम का मसौदा दोनों देशों को भेज दिया गया है, लेकिन अभी तक किसी भी पक्ष ने औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह तब तक संघर्ष जारी रखेगा जब तक उसे वित्तीय मुआवजा और भविष्य में हमले न होने की गारंटी नहीं मिल जाती।