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अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद एक्टिव हुआ ईरान, तुर्की-इराक और मिस्र से की बातचीत

तेहरान ने बताई डील की शर्तें, चीन ने किया स्वागत; नेतन्याहू ट्रंप से मुलाकात की तैयारी में

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। ईरान ने अब क्षेत्रीय देशों से संपर्क बढ़ाना शुरू कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तुर्की, इराक और मिस्र के विदेश मंत्रियों से अलग-अलग बातचीत कर समझौते की शर्तों और आगे की रणनीति पर चर्चा की।

अराघची ने बताया कि युद्ध खत्म करने के लिए तैयार किए गए फ्रेमवर्क समझौते को लागू करने की जिम्मेदारी अमेरिका की है। उन्होंने कहा कि लेबनान पर इजरायली हमलों को पूरी तरह रोकना जरूरी है। ईरानी विदेश मंत्री ने डील को अंतिम रूप देने की कोशिशों में सहयोग के लिए तुर्की, इराक और मिस्र का धन्यवाद भी किया।

चीन ने किया समझौते का स्वागत

अमेरिका और ईरान के बीच हुए शुरुआती समझौते पर चीन ने भी प्रतिक्रिया दी है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि बीजिंग इस समझौते का स्वागत करता है और पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों की सराहना करता है।

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर चीन ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आवाजाही के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। चीन ने उम्मीद जताई कि इस क्षेत्र में जल्द सुरक्षित और निर्बाध समुद्री यातायात बहाल होगा, जो क्षेत्रीय देशों और वैश्विक समुदाय के हित में है।

ट्रंप से मिलने की कोशिश में नेतन्याहू

वहीं, अमेरिका-ईरान डील को लेकर इजरायल में असंतोष जारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस समझौते पर चर्चा के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की तैयारी कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि नेतन्याहू जी-7 शिखर सम्मेलन के बाद ट्रंप से मिलने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले इजरायली नेताओं ने संकेत दिए थे कि वे ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर अपनी चिंताएं अमेरिका के सामने रखना चाहते हैं।

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