Apple के नए iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max की भारत में बिक्री आज यानी 18 सितंबर से शुरू हो गई है। बिक्री शुरू होते ही दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु समेत कई शहरों में Apple Stores के बाहर खरीदारों की भीड़ नजर आई। कई ग्राहक नए मॉडल के लिए सुबह-सुबह स्टोर पहुंचे, जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने पहले ही प्री-ऑर्डर कर दिया था।
लेकिन अगर आप भी नया iPhone खरीदने का सोच रहे हैं, तो सिर्फ नए मॉडल की चर्चा या उसके फीचर्स देखकर फैसला करना पर्याप्त नहीं है। करीब ₹1.65 लाख से शुरू होने वाले इस फोन में कौन-सा मॉडल लेना है, कितनी स्टोरेज चाहिए, पुराने फोन का कितना फायदा मिलेगा और बैंक ऑफर के बाद वास्तविक कीमत कितनी पड़ेगी—इन बातों को समझना भी उतना ही जरूरी है।
भारत में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत ₹1,64,900 है। यह 256GB स्टोरेज वाले मॉडल की कीमत है। इसके अलावा 512GB, 1TB और 2TB स्टोरेज विकल्प भी उपलब्ध हैं। iPhone 18 Pro Max की शुरुआती कीमत ₹1,79,900 है और इसका 2TB मॉडल ₹3,29,900 तक जाता है।
यानी फोन खरीदते समय सिर्फ Pro और Pro Max के बीच का अंतर देखना काफी नहीं है। स्टोरेज बढ़ने के साथ कीमत भी काफी बढ़ जाती है। इसलिए पहले यह तय करना जरूरी है कि आपको वास्तव में कितनी स्टोरेज की जरूरत है। अगर फोन में बहुत ज्यादा वीडियो, फोटो या बड़े फाइल्स रखने की जरूरत नहीं है, तो ज्यादा स्टोरेज के लिए अतिरिक्त रकम खर्च करना जरूरी नहीं हो सकता।
iPhone 18 Pro में 6.3 इंच की स्क्रीन है, जबकि Pro Max में 6.9 इंच का बड़ा डिस्प्ले दिया गया है। दोनों मॉडल A20 Pro चिप से लैस हैं और 48MP के तीन रियर कैमरे दिए गए हैं। दोनों में 256GB से लेकर 2TB तक स्टोरेज का विकल्प मिलता है।
ऐसे में अगर आपकी प्राथमिकता बड़ी स्क्रीन और ज्यादा बैटरी बैकअप है, तो Pro Max पर ध्यान जा सकता है। वहीं छोटे आकार का फोन पसंद करने वालों के लिए Pro ज्यादा सुविधाजनक हो सकता है। इसलिए केवल कीमत देखकर नहीं, अपने इस्तेमाल के हिसाब से दोनों मॉडलों को देखना बेहतर होगा।
नए Pro मॉडल में 48MP कैमरा सिस्टम के साथ variable aperture दिया गया है। इससे कैमरे में आने वाली रोशनी को नियंत्रित करने की क्षमता बढ़ती है और अलग-अलग परिस्थितियों में तस्वीरों पर ज्यादा नियंत्रण मिल सकता है। दोनों फोन में 48MP का मुख्य कैमरा, 48MP अल्ट्रावाइड और 48MP टेलीफोटो कैमरा दिया गया है।
अगर आप सिर्फ सोशल मीडिया के लिए सामान्य तस्वीरें लेते हैं, तो यह देखना जरूरी है कि ये बदलाव आपके रोजमर्रा के इस्तेमाल में वास्तव में कितने काम आएंगे। लेकिन फोटोग्राफी या वीडियो बनाने वालों के लिए कैमरा अपग्रेड ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है।
बैटरी के मामले में भी दोनों मॉडल अलग हैं। Apple के अनुसार iPhone 18 Pro में सामान्य इस्तेमाल में करीब 24 घंटे और Pro Max में करीब 30 घंटे तक का इस्तेमाल मिल सकता है। वीडियो प्लेबैक के आंकड़े इससे अलग हैं और eSIM मॉडल में भी अलग बैटरी आंकड़े दिए गए हैं।
इसलिए अगर आपका फोन दिनभर ज्यादा इस्तेमाल होता है, लगातार वीडियो देखते हैं या लंबे समय तक चार्जर से दूर रहते हैं, तो सिर्फ स्क्रीन का आकार नहीं बल्कि बैटरी क्षमता को भी ध्यान में रखना चाहिए।
नए iPhone पर चुनिंदा बैंक कार्ड के साथ ₹7,000 तक का कैशबैक और कुछ मामलों में नो-कॉस्ट EMI जैसे विकल्प उपलब्ध हैं। हालांकि इन ऑफर्स की पात्रता और शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं।
इसलिए खरीदारी से पहले सिर्फ यह न देखें कि कैशबैक कितना मिल रहा है। यह भी जांचें कि आपका कार्ड इस ऑफर के लिए योग्य है या नहीं और EMI लेने पर कुल भुगतान कितना होगा।
अगर आपके पास पहले से iPhone या कोई दूसरा स्मार्टफोन है, तो उसे एक्सचेंज करके कीमत कम की जा सकती है। अलग-अलग विक्रेताओं और डिवाइस की स्थिति के आधार पर एक्सचेंज लाभ अलग हो सकता है। कुछ ऑफलाइन विक्रेताओं ने अतिरिक्त एक्सचेंज बोनस भी घोषित किए हैं।
यहां एक जरूरी बात यह है कि विज्ञापन में दिखाई जाने वाली अधिकतम एक्सचेंज राशि हर फोन पर लागू नहीं होती। आपके पुराने फोन का मॉडल, उसकी स्थिति और जांच के बाद तय की गई कीमत ही वास्तविक एक्सचेंज मूल्य तय करेगी।
क्या आपको सच में 1TB या 2TB स्टोरेज की जरूरत है? क्या बड़ी स्क्रीन के लिए Pro Max लेना आपके इस्तेमाल के हिसाब से सही है? क्या आपके मौजूदा iPhone में ऐसा कोई फीचर है जिसकी कमी आपको रोज महसूस होती है? पुराने फोन को एक्सचेंज करने के बाद कितनी रकम कम होगी? और बैंक ऑफर या EMI के बाद आपकी वास्तविक जेब से कितनी रकम जाएगी?
इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही मॉडल और स्टोरेज चुनना ज्यादा समझदारी भरा होगा।
iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max की बिक्री शुरू होने के साथ Apple Stores के बाहर दिख रही भीड़ इसकी लोकप्रियता जरूर दिखाती है, लेकिन खरीदारी का फैसला सिर्फ लॉन्च के उत्साह में लेने के बजाय अपनी जरूरत और बजट को देखकर करना ज्यादा जरूरी है।