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भारत के 'अम्बरीष नाग विश्वास' को मिलेगा वैश्विक सम्मान, ARRL ने घोषित किया 2025 का 'अंतरराष्ट्रीय मानवीय पुरस्कार'

ममता और तकनीक का संगम: आपदा प्रबंधन और बिछड़ों को मिलाने के लिए दुनिया ने किया सलाम

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता: एमेच्योर रेडियो (हैम रेडियो) की दुनिया में भारत का नाम एक बार फिर गर्व से ऊंचा हुआ है। 'अमेरिकन रेडियो रिले लीग' (ARRL) के संचालन बोर्ड ने 'वेस्ट बंगाल रेडियो क्लब' के संस्थापक और सचिव अम्बरीष नाग विश्वास (VU2JFA) को 2025 के अंतरराष्ट्रीय मानवीय पुरस्कार (International Humanitarian Award) से सम्मानित करने का आधिकारिक प्रस्ताव पारित किया है।

यह पुरस्कार 1984 में स्थापित किया गया था, जिसका उद्देश्य उन रेडियो एमेच्योरों को सम्मानित करना है जो अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग मानवता की भलाई और निस्वार्थ सेवा के लिए करते हैं।

प्रस्ताव में सेवाओं का विशेष उल्लेख

ARRL के 'गतिविधि एवं सेवा समिति' (PSC-4 V1) द्वारा जनवरी 2026 में प्रस्तुत प्रस्ताव में अम्बरीष नाग विश्वास की कई महत्वपूर्ण सेवाओं को आधार बनाया गया है:

  • ग्रामीण भारत में सेवा का विस्तार: अम्बरीष ने आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में 'वेस्ट बंगाल रेडियो क्लब' की स्थापना की, जिसका मुख्य केंद्र सामुदायिक सेवा है।

  • आपदा प्रबंधन में सेतु की भूमिका: उनके नेतृत्व में, पश्चिम बंगाल के उन ग्रामीण इलाकों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ संचार व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है जो हर साल बाढ़, मानसून और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करते हैं।

  • बिछड़ों को मिलाना: अम्बरीष न केवल खोज और बचाव अभियानों का नेतृत्व करते हैं, बल्कि विशेष रूप से धार्मिक तीर्थयात्राओं (जैसे गंगासागर मेला) के दौरान लापता व्यक्तियों को उनके परिवारों से मिलाने में एक अद्वितीय मानवीय भूमिका निभाते हैं।

  • किसानों के लिए जीवन रक्षक नवाचार: क्लब के माध्यम से उन्होंने ऐसे विशेष उपकरण विकसित और वितरित किए हैं जो तूफान और बिजली गिरने जैसी परिस्थितियों में खेतों में काम करने वाले असुरक्षित किसानों और मजदूरों की जान बचाने में मदद करते हैं।

बोर्ड का निर्णय और सम्मान

एआरआरएल संचालन बोर्ड ने समिति की सिफारिशों पर मुहर लगाते हुए कहा कि अम्बरीष नाग विश्वास का कार्य मानव जाति के कल्याण और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है। उनके प्रयासों ने यह साबित किया है कि रेडियो तकनीक केवल शौक नहीं, बल्कि संकट के समय मानवता का सबसे बड़ा सहारा बन सकती है।

इस सम्मान की घोषणा के बाद बंगाल सहित पूरे देश के हैम रेडियो समुदाय में हर्ष की लहर है। यह पुरस्कार वैश्विक मंच पर भारतीय हैम ऑपरेटर्स की सक्रियता और उनकी सामाजिक उपयोगिता को एक नई पहचान दिलाता है।

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