सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में चीन को भारत का डी-ऑयल्ड केक (DOC) निर्यात 20 गुना से अधिक बढ़कर 7.79 लाख टन पहुंच गया है।
इसमें मुख्य योगदान रैपसीड DOC का रहा, जिसकी मांग भारतीय उत्पाद के सस्ता होने के कारण तेजी से बढ़ी। एसईए के कार्यकारी निदेशक बी वी मेहता के मुताबिक, भारतीय रैपसीड DOC की कीमत लगभग 225 डॉलर प्रति टन है, जो यूरोपीय आपूर्तिकर्ताओं की तुलना में काफी कम है।
इस उछाल के पीछे एक बड़ा कारण चीन द्वारा कनाडाई रैपसीड उत्पादों पर लगाया गया 100% शुल्क भी रहा, जिससे भारत को बाजार में बड़ा अवसर मिला। हालांकि, 1 मार्च 2026 से चीन ने इन शुल्कों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है, जिससे आगे भारतीय निर्यातकों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है।
वहीं, कुल DOC निर्यात में गिरावट भी दर्ज की गई है। फरवरी में निर्यात 22% घटकर 2.57 लाख टन रह गया, जबकि पूरे वित्त वर्ष के 11 महीनों में यह 11% घटा है।
एसईए ने चेतावनी दी है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य और लाल सागर के आसपास बढ़ते तनाव से शिपिंग प्रभावित हो रही है, जिससे भारत के पश्चिम एशिया और यूरोप को होने वाले निर्यात पर असर पड़ सकता है।