राजघाट पर धरने पर बैठे ‘इंडिया’ के नेता  
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विपक्ष ने तीसरे दिन राजघाट पर किया प्रदर्शन

बापू से सरकार के लिए मांगी ‘सद्बुधि’, फिर कहा : ज्ञानेश के इस्तीफे तक जारी रहेगा धरना-प्रदर्शन

Lokendra Bahuguna

नयी दिल्ली : मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में विपक्ष का लगातार तीसरे दिन गुरुवार को भी प्रदर्शन जारी रहा। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के नेता गुरुवार को कनॉट प्लेस से तीन बसों में सवार होकर राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। विपक्षी नेताओं ने महात्मा गांधी से प्रार्थना की कि सरकार को सद्बुधि दे।

राहुल गांधी ने बापू की समाधि पर अर्पित की श्रद्धांजलि

लंच के बाद बसों में सवार होकर राजघाट पहुंचे

विपक्षी नेता गुरुवार को कनॉट प्लेस में दोपहर के भोजन के बाद बसों में सवार होकर राजघाट पहुंचे। यहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और अन्य घटक दलों के नेता महात्मा गांधी की समाधि पर नमन करने के बाद धरने पर बैठे। विपक्षी नेताओं ने आरोप दोहराया कि केंद्र सरकार और CEC मिलकर जनता के मतदान के अधिकार को प्रभावित कर रहे हैं। राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि संविधान की रक्षा के लिए उनका यह विरोध जारी रहेगा।

राजघाट पर करीब एक घंटे इंतजार करना पड़ा

प्रदर्शन को देखते हुए राजघाट पर भारी सुरक्षा व्यववस्था की गयी थी। राजघाट पर करीब एक घंटे इंतजार के बाद उन्हें अंदर जाने दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से कनॉट प्लेस स्थित ‘मोएट्स’ रेस्तरां में आयोजित दोपहर के भोज के बाद विपक्षी नेता तीन बसों में राजघाट के लिए रवाना हुए। दोपहर के भोज में खरगे के अलावा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी के राजीव राय एवं कई अन्य विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए।

बसों पर सवार नेता और कार्यकर्ता राजघाट की ओर कूच करते हुए

कनॉट प्लेस से राजघाट तक की यात्रा

कनॉट प्लेस से राजघाट तक की यात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता नारे लगाते और ढोल बजाते हुए आगे चल रहे थे। कुछ स्थानों पर वामपंथी छात्र संगठन आइसा के कार्यकर्ता भी नारे लगाते और डफली बजाते नजर आये। दिल्ली में पिछले दो दिन से धरने का एक ही पैटर्न दिखा। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे विपक्षी सांसदों को लंच पर बुलाते हैं, सांसद खाना खाते हैं, फिर बसों में बैठकर निकल जाते हैं। फर्क इतना है कि बुधवार को मंजिल जंतर-मंतर थी और गुरुवार को राजघाट। इससे पहले विपक्ष ने संसद से चुनाव आयोग तक मार्च निकाला था।

राष्ट्रपति से मिलेंगे विपक्षी नेता

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बुधवार को कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए समय मांगा है, लेकिन अभी तक राष्ट्रपति भवन से कोई जवाब नहीं मिला है। वेणुगोपाल ने कहा कि इस संबंध में पहला अनुरोध दो अक्टूबर को भेजा गया था। इसके बाद राष्ट्रपति भवन कार्यालय ने बैठक में शामिल होने वाले नेताओं के नाम मांगे थे। उन्होंने कहा कि पांच अक्टूबर को नेताओं के नाम के साथ दोबारा अनुरोध भेजा गया और सात, आठ या नौ अक्टूबर को मुलाकात का समय देने का आग्रह किया गया। इस बीच बताया जाता है कि शुक्रवार सुबह 10 बजे ‘इंडिया’ का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात करेगा। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने की खबर है। ऐसी भी खबर है कि विपक्ष शुक्रवार को लगातार चौथे दिन भी प्रदर्शन कर सकता है।

10 अक्टूबर को CJP का प्रदर्शन

इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)ने ऐलान किया है कि वह 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने 7 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस को प्रदर्शन की सूचना दी थी, लेकिन पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद संगठन ने प्रदर्शन करने की बात कही है।

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