निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बशीरहाट : उत्तर 24 परगना जिले के बसीरहाट दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध मिट्टी खनन और परिवहन के काले खेल ने सोमवार को एक मासूम की बलि ले ली। बाँशझाड़ी मल्लिकपुर गांव में ईंट भट्ठे के भीतर मिट्टी से लदी एक ट्रली अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसकी चपेट में आने से 9 वर्षीय मासूम अल्ताफ मंडल की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में ट्रैक्टर चालक शमीम सरदार (22) भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे कोलकाता के अस्पताल में रेफर किया गया है।
नियमों को ताक पर रखकर चल रहा कारोबार
बसीरहाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कई ईंट भट्ठों पर अवैध रूप से नदियों, खालों और डोबों को काटकर मिट्टी निकालने का आरोप नया नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की नाक के नीचे एनजीटी (NGT) के नियमों, खनन कानूनों और श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर एक 9 साल का बच्चा जोखिम भरे मिट्टी ढुलाई के काम में 'खलासी' के तौर पर कैसे लगा हुआ था? क्या ईंट भट्ठा मालिक मासूमों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं?
प्रशासनिक मिलीभगत का आरोप
हादसे के बाद इलाके में भारी तनाव और आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की चुप्पी ही इन ईंट भट्ठा मालिकों का साहस बढ़ा रही है। बिना किसी पर्यावरण अनापत्ति प्रमाण पत्र के नदियों के किनारे (डॉक) काटकर मिट्टी और बालू का अवैध परिवहन बेखौफ जारी है।
मृतक बालक के परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा और अवैध मिट्टी कटाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। बसीरहाट थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन सवाल वही है— क्या इस बार रसूखदार भट्ठा मालिकों पर कार्रवाई होगी या मामला फिर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?