सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने महिला सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कोई किसी महिला पर हाथ उठाता है, तो पुलिस जो भी जरूरी होगा, वह करेगी। गुरुवार को उत्तर दिनाजपुर में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बलात्कार, सामूहिक दुष्कर्म और हत्या जैसे जघन्य अपराधों के मामलों में पुलिस को कार्रवाई करने की पूरी छूट दी गई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस को कार्रवाई के लिए जो जरूरी लगेगा, वह करेगी।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि भारत की संस्कृति में मां, बहन और बेटियों की पूजा की जाती है। ऐसे में महिलाओं के साथ किसी भी तरह का अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग महिलाओं पर हाथ उठाने या उनके साथ जघन्य अपराध करने की हिम्मत करते हैं, उनकी हालत क्या होती है, यह अब सभी देख रहे हैं। उन्होंने अपने बयान में यह भी संकेत दिया कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्रशासन और पुलिस को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान को अपराधियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
एनकाउंटर की घटनाओं की ओर इशारा?
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में गैंगरेप और हत्या के आरोपियों की मौत से जुड़े दो मामले सामने आने की बात कही जा रही है। इनमें मामलों में आरोपी की कथित तौर पर एनकाउंटर में मौत हुई थी। ऐसे में माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान इन घटनाओं और अपराधियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की ओर अप्रत्यक्ष रूप से इशारा किया। हाल में उत्तर 24 परगना जिले के गायघाटा में बलात्कार और हत्या के एक आरोपी को पुलिस ने मार गिराया था। आरोप है कि उसने मंगलवार को एक पुलिस अधिकारी की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली और उन पर गोली चला दी। जुलाई में, बारुईपुर में 11 साल की बच्ची से बलात्कार और हत्या का मुख्य आरोपी भी इसी तरह की परिस्थितियों में मारा गया था।