हुमायूं कबीर ने खोला सियासी मोर्चा
सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बंगाल की राजनीतिक हलचल तेज हो गयी है। तृणमूल से बहिष्कृत भरतपुर के विधायक हुमायूं कबीर ने पहले ही कहा है कि उनकी पार्टी जनता उन्नयन पार्टी विधानसभा चुनाव में चुनाव में उतरेगी। अब उनके एक और बयान राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। मंगलवार को विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सदन में हुमायूं कबीर की सीट बदले जाने को लेकर भी सियासी संदेश निकले। हालांकि उन्होंने इसे सामान्य प्रक्रिया बताते हुए कहा कि स्पीकर द्वारा तय की गई किसी भी सीट पर बैठने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन साथ ही उन्होंने बड़ा राजनीतिक दावा कर दिया। उलटे उन्होंने यह कह दिया कि मुर्शिदाबाद से जितने विधायक विधानसभा में आ रहे हैं, उनमें से कम से कम 15 विधायक नयी सरकार के गठन के बाद विधानसभा नहीं पहुंच पायेंगे यानि उन विधायकों की टिकट और जीत दोनों ही अनिश्चित होने का दावा किया। अपनी नई पार्टी की चुनावी संभावनाओं को लेकर आत्मविश्वास दिखाते हुए हुमायूं कबीर ने कहा कि वे अगली विधानसभा में फिर से निर्वाचित होकर लौटेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि 15 से 20 फरवरी तक राजनीतिक स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी, जिससे अटकलों को और बल मिला है।
केवल बड़ी - बड़ी बातें है - शोभनदेव
संसदीय मामलों के मंत्री शोभनदेव चट्टाेपाध्याय ने हुमायूं कबीर की बातों को तवज्जों नहीं दिया और इसे केवल बड़ी - बड़ी बातें कही। उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद जिले में तृणमूल अपनी सभी सीटें बरकरार रखेगी।