निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बारासात : संदेशखाली के शेख शाहजहाँ ने एक बार फिर खुद को निर्दोष बताते हुए बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। राशन भ्रष्टाचार मामले और ईडी (ED) अधिकारियों पर हमले के आरोप में गिरफ्तार शेख शाहजहाँ को बारासात अदालत में पेश किया गया। इस दौरान मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए शाहजहाँ ने आरोप लगाया कि उसे एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।
अदालत परिसर में भारी सुरक्षा के बीच शाहजहाँ ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "मैं पूरी तरह से राजनीतिक साजिश का शिकार हुआ हूँ। मुझे फंसाया गया है।" जब उनसे पूछा गया कि उन्हें फंसाने के पीछे किसका हाथ है, तो उन्होंने सीधे तौर पर किसी पार्टी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन तीखा कटाक्ष करते हुए कहा, "वही लोग इसके पीछे हैं, जो ईडी और सीबीआई को नियंत्रित कर रहे हैं।" शाहजहाँ का यह इशारा स्पष्ट रूप से केंद्र की सत्ताधारी भाजपा की ओर था।
5 जनवरी 2024 को संदेशखाली में तलाशी के दौरान ईडी अधिकारियों पर हुए जानलेवा हमले के बारे में पूछे जाने पर शाहजहाँ के तेवर काफी सख्त नजर आए। उसने हमले के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया और कहा, "क्या आपके पास उस हमले का कोई वीडियो है? कुछ भी गलत-सलत बोल देने से सच नहीं बदल जाता। जनता ही इन सबका जवाब देगी।" शाहजहाँ ने स्पष्ट किया कि उस पर लगे सभी आरोप आधारहीन हैं।
गौरतलब है कि राशन भ्रष्टाचार मामले की जांच के सिलसिले में जब ईडी की टीम संदेशखाली पहुंची थी, तब वहाँ के स्थानीय लोगों और शाहजहाँ के समर्थकों ने अधिकारियों पर हमला कर दिया था। अधिकारियों को जान बचाकर भागना पड़ा था। इस घटना के बाद संदेशखाली की महिलाओं ने शाहजहाँ और उनके करीबियों पर जमीन हड़पने और यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए हिंसक प्रदर्शन किए थे।
कोर्ट के कड़े रुख और भारी जन आक्रोश के बाद शाहजहाँ को करीब 55 दिनों तक फरार रहने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वर्तमान में वह केंद्रीय जांच एजेंसियों की हिरासत में है।
भले ही शेख शाहजहाँ खुद को निर्दोष बता रहे हों, लेकिन संदेशखाली के हालात अब भी पूरी तरह शांत नहीं हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शाहजहाँ का आतंक लंबे समय तक इलाके में रहा है। अब जबकि वह सलाखों के पीछे है और जांच जारी है, यह देखना दिलचस्प होगा कि ईडी और सीबीआई की चार्जशीट में उनके खिलाफ क्या ठोस सबूत पेश किए जाते हैं।