कोलकाता : तृणमूल विधायक हुमायूं कबीर एक बार फिर विवादों में हैं। भरतपुर से तृणमूल विधायक जिला नेतृत्व से इस तरह नाराज हैं कि इस बार अपनी नयी पार्टी बनाने की चेतावनी दे डाली। उन्होंने कहा कि वह 15 अगस्त तक देखेंगे कि जिला नेतृत्व में कोई बदलाव हो रहा है या नहीं उसके बाद वह फैसला लेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में भी जाने का कोई अवसर नहीं है, भाजपा में भी नहीं जाऊंगा। एक ही ऑप्शन है मुर्शिदाबाद में अलग पार्टी बनाऊं। वहां मुस्लिम बहुल संख्या तथा कुछ हिन्दू भी प्रस्ताव दे रहे हैं कि आप अपनी अलग पार्टी बनायें। अगर नयी पार्टी का गठन होता है तो मैं किसी निर्वाचित विधायक को लूंगा। यह भी हो सकता है कि मैं सेकेंड पार्टी भी हो सकता हूं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी विधायक अपने कई बयानों के लिए चर्चा में रहे हैं। उन्होंने घोषणा की है कि 15 अगस्त के बाद वे एक नयी राजनीतिक पार्टी (मुर्शिदाबाद पॉलिटिक्स) बनाएंगे। हालांकि उन्होंने यह साफ किया है कि पार्टी नेतृत्व से उनकी कोई नाराजगी नहीं है। ममता बनर्जी फिर सत्ता में आएंगी। विधानसभा चुनाव से पहले मुर्शिदाबाद जिले से तृणमूल विधायक हुमायूं कबीर की नयी पार्टी के गठन को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। हुमायूं ने कहा कि उनकी नयी पार्टी सिर्फ मुर्शिदाबाद तक ही सीमित नहीं रहेगी। वह मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर और नदिया के कुछ हिस्सों में 50 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे। अगर ऐसा हुआ तो 15-25 सीटें जीतकर आऊंगा।
क्या है पूरा मुद्दा : हुमायूं कबीर के अनुसार मुर्शिदाबाद जिला नेतृत्व पर हमले हो रहे हैं। कथित तौर पर, जिला नेतृत्व ममता बनर्जी के आदेशों की अवहेलना कर रहा है। इसीलिए उन्होंने नयी पार्टी बनाने का फैसला किया है। एक टेलीविजन चैनल को दिये साक्षात्कार में कबीर ने चेतावनी दी, हम समूह बनाकर यह साबित करना चाहते हैं कि खेती बैलों से होती है, बकरियों से नहीं।