नई दिल्ली : Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL) ने अपने प्रीमियम पेट्रोल के दाम में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। नई कीमतें शुक्रवार से ही लागू हो गई हैं। हालांकि कंपनी ने इस बढ़ोतरी के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है, लेकिन माना जा रहा है कि Crude Oil की कीमतों में उतार-चढ़ाव और Iran-United States के बीच जारी तनाव के चलते बढ़ी लॉजिस्टिक लागत इसका प्रमुख कारण हो सकती है।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि सामान्य (रेगुलर) पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे आम उपभोक्ताओं पर सीधा असर नहीं पड़ेगा, जबकि प्रीमियम पेट्रोल मुख्य रूप से लग्जरी और हाई-परफॉर्मेंस गाड़ियों में इस्तेमाल होता है। इससे पहले HPCL ने सोशल मीडिया पर कहा था कि कच्चे तेल की सप्लाई में कोई बाधा नहीं है और अतिरिक्त कार्गो भारत पहुंच रहे हैं। कंपनी ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील भी की थी।
वैश्विक स्तर पर, कच्चे तेल की कीमतें हाल ही में 110 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई थीं, लेकिन बाद में घटकर करीब 105 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं। यह गिरावट तब आई जब यूरोपीय देशों और जापान ने Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के प्रयासों में शामिल होने की पेशकश की। गौरतलब है कि ईरान द्वारा खाड़ी देशों में ऊर्जा ढांचे पर हमलों के बाद तेल की कीमतों में तेज उछाल आया था, जिससे वैश्विक बाजार में चिंता बढ़ गई।
इसके बावजूद, भारत में पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी अन्य देशों के मुकाबले सीमित रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हालिया संकट के दौरान 95 से अधिक देशों में ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं, खासकर उन देशों में जो आयात पर निर्भर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रीमियम पेट्रोल की कीमत बढ़ने का असर मुख्य रूप से संपन्न वर्ग और हाई-एंड वाहन उपयोगकर्ताओं पर पड़ेगा।