निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा: हावड़ा स्टेशन परिसर को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए चलाए गए हालिया उच्छेद अभियान के बाद स्टेशन का नजारा पूरी तरह बदल गया है। पूरा इलाका हॉकर-मुक्त होने से अब यात्री बिना किसी बाधा के आसानी से स्टेशन आ-जा पा रहे हैं। हालांकि, इसके ठीक विपरीत हावड़ा बस टर्मिनस की स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है।
स्टेशन परिसर से हटाए गए अवैध दुकानों का मलबा और अवशेष अब हावड़ा बस स्टैंड के फुटपाथ पर डंप कर दिया गया है। यात्रियों के प्रतीक्षा करने वाले स्थान पर टूटी हुई लकड़ियां, कुर्सियां, टेबल, बांस के टुकड़े और फटी हुई पॉलीथिन बिखरी पड़ी हैं, जिससे पूरा टर्मिनल इस समय किसी 'भागड़' (कूड़ाघर) जैसा नजर आ रहा है।
बस स्टैंड की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए हाल ही में पैसेंजर शेड की मरम्मत का काम शुरू किया गया है, जिसके लिए टर्मिनस के एक बड़े हिस्से को घेर दिया गया है। इससे बस स्टैंड का दायरा पहले ही छोटा हो गया था, और अब उच्छेद अभियान के मलबे ने यात्रियों की मुसीबत को दोगुना कर दिया है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जिन दुकानदारों को स्टेशन परिसर से हटाया गया है, उन्होंने ही अपना सामान इस उम्मीद में बस स्टैंड पर जमा कर रखा है कि कुछ दिनों बाद वे यहां फिर से अपना धंधा शुरू कर सकेंगे ।
हावड़ा बस टर्मिनस से रोजाना शहर और जिलों के विभिन्न रूटों के लिए सैकड़ों लोकल व लंबी दूरी की बसें और ऑटो चलते हैं, जिसके कारण यहां भारी भीड़ रहती है। खड़े होने की जगह न मिलने से यात्री परेशान हैं। यहां से आने जाने वाले लोगों का कहना है कि सामान लेकर बस स्टैंड में घुसना मुश्किल हो गया है। फुटपाथ पर जगह न होने के कारण मजबूरी में सड़क पर खड़ा होना पड़ रहा है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।