निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : हावड़ा के उलुबेड़िया स्थित 'आनंद भवन डेफ एंड ब्लाइंड स्कूल' में कक्षा 1 से 8 तक के लगभग 80 विशेष आवश्यकता वाले (दिव्यांग) आवासीय छात्र पढ़ाई करते हैं। पश्चिम बंगाल सरकार के नए निर्देशानुसार 60 वर्ष की आयु सीमा पार करने वाले कर्मचारियों का कार्यकाल नहीं बढ़ाया जा सकता। इसके कारण 2007 से मात्र ₹3,000 के मासिक मानदेय पर काम कर रहे स्थानीय डॉक्टर को हटाना पड़ रहा है।
नए डॉक्टर का न मिलना और बढ़ता संकट
20 साल से मानदेय न बढ़ने के कारण इस न्यूनतम राशि पर कोई भी नया डॉक्टर दूरदराज के इलाके में सेवा देने को तैयार नहीं है। स्कूल प्रशासन और कार्यवाहक प्रधानाध्यापक अजय दास ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हॉस्टल सुपरवाइजर और वार्डन जैसे पद पहले से ही खाली हैं, और अब डॉक्टर न होने से आवासीय बच्चों की देखभाल में भारी समस्या आ रही है। प्रशासन ने इस मामले में विशेष छूट देने की गुहार लगाई है।