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अत्याधुनिक पोदड़ा-राजाबागान फेरी घाट को है चालू किये जाने का इंतजार

इसके जरिए मटियाबुर्ज और गार्डेनरीच क्षेत्रों में काफी समय में पहुंचा जा सकेगा,महज 250 मीटर सड़क के कारण अटका उद्घाटन !

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

हावड़ा: अत्याधुनिक जेट्टी, गैंगवे, पोंटून, सोलर लाइट से लेकर यात्रियों के बैठने की विश्वस्तरीय व्यवस्था के साथ हावड़ा दक्षिण क्षेत्र में पोदड़ा-राजाबागान फेरी सेवा शुरू करने के लिए सभी बुनियादी ढांचे पूरी तरह तैयार हैं। इसके बावजूद स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को इस बहुप्रतीक्षित जलमार्ग सेवा के शुरू होने का इंतजार करना पड़ रहा है। दरअसल, फेरी घाट तक पहुंचने के लिए आवश्यक लगभग 250 मीटर सड़क का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है, जिसके कारण पूरा प्रोजेक्ट उद्घाटन की बाट जोह रहा है। हालांकि, राज्य में नई सरकार के गठन के बाद अब इस क्षेत्र के लोगों में जल्द ही सेवा शुरू होने की उम्मीदें फिर से जाग गई हैं।

12 साल पहले हादसे के बाद बंद हुई थी सेवा

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, एक समय पोदड़ा गंगा घाट से राजाबागान घाट के बीच नियमित रूप से देशी नौकाओं (भुटभुटी) के जरिए यात्री परिवहन होता था। लेकिन करीब 12 साल पहले एक भीषण नौका हादसे में कई लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से इस सेवा को पूरी तरह बंद कर दिया था। तब से स्थानीय लोगों और विशेषकर स्थानीय बाजार के व्यापारियों को लंबा रास्ता तय कर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। इस अत्याधुनिक आरसीसी जेट्टी के चालू होने से सांकराइल, उलूबेरिया और बागनान सहित एक बड़े इलाके के लोगों का सफर बेहद आसान हो जाएगा और यह सड़क मार्ग के विकल्प के रूप में कोलकाता और हावड़ा को जोड़ेगा। इसके जरिए मटियाबुर्ज और गार्डेनरीच जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों में बेहद कम समय में पहुंचा जा सकेगा।

नई सरकार और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से आस

बताया गया है कि फेरी घाट का काम शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। जो 250 मीटर सड़क बाकी है, वह पंचायत के अधीन है और स्थानीय निवासियों से बातचीत कर इसे जल्द ही दुरुस्त कर लिया जाएगा। बताया यह भी गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा इसका वर्चुअल उद्घाटन किया जाना था, लेकिन चुनावों के कारण यह टल गया। अब लोगों को इंतजार है कि वर्तमान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी इस फेरी घाट के उद्घाटन की तारीख कब तय करते हैं। काम पूरा हो चुका है, अब बस आधिकारिक शुरुआत की देरी है।

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