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हावड़ा म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (अमेंडमेंट) बिल, 2026 विधानसभा में पारित

* हावड़ा निगम चुनाव में अब बाधा दूर होने की पूरी संभावना, राजभवन के असहयोग के कारण हावड़ा में निगम चुनाव नहीं करा सके : फिरहाद

सबिता राय, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : हावड़ा नगर निगम के चुनाव को लेकर लंबे समय से चली आ रही कानूनी जटिलता अब दूर हो सकती है। शनिवार को विधानसभा में द हावड़ा म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (अमेंडमेंट) बिल, 2026 राज्य के शहरी विकास तथा नगरपालिका मामलों के मंत्री फिरहाद हकीम ने पेश किया। इसके तहत हावड़ा निगम के वार्डों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। हावड़ा में 50 वार्ड को बढ़ाकर 66 करने का प्रस्ताव इस संशोधन विधेयक में है। विधानसभा में इस बिल पर चर्चा हुई जिसके बाद इसे पारित कर दिया गया। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद वार्ड संख्या बढ़कर 66 हो जायेगी और हावड़ा निगम चुनाव कराने की बाधा दूर होगी। मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि पांच सालों से हावड़ा नगर निगम संशोधन बिल राजभवन में अटका हुआ था। राजभवन के असहयोग के कारण हम हावड़ा नगर निगम चुनाव नहीं करा सके। इसी कारण क्षेत्र में डिलिमिटेशन कर वार्डों की संख्या बढ़ाई गई है।

हावड़ा बेहद ही महत्वपूर्ण, सीएम हावड़ा को नयी ऊंचाई पर ले जायेंगी : मंत्री फिरहाद

मंत्री ने विधानसभा में बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि हावड़ा काे इतना ज्यादा महत्व दिया गया है कि अभी स्टेट हेडक्वार्टर (नवान्न) ही हावड़ा में गया है। हमारी सरकार के लिए हावड़ा बेहद ही महत्वपूर्ण है। यह ट्वीन सिटी है एक तरफ हावड़ा ब्रिज और दूसरी तरफ हुगली सेतु। इन दो सेतु को लेकर हावड़ा और कोलकाता का एक समन्वय है, एक बंधन है। यह सही है कि हावड़ा कॉरपोरेशन का अपना एक औचित्य है अपना एक इतिहास है। यह पुराना कॉरपोरेशन है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जाे हावड़ा को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं और कह रहे हैं कि तृणमूल का विसर्जन, उन्हें कह दूं कि बार-बार वे लोग अपने आपको शर्मिंदा ना करवायें क्योंकि इनलोगों ने ही कहा था कि अबकी बार 200 पार लेकिन हो गया क्या? 2021 विधानसभा चुनाव के बाद 2024 में लोकसभा चुनाव हुआ। हावड़ा के लोग आपलोगों (भाजपा) की तरफ देख भी नहीं रहे हैं और आगे भी नहीं देखेंगे। हावड़ा की जनता नवान्न में बैठी सीएम ममता बनर्जी की तरफ देख रही है। हावड़ा का उन्नयन सीएम ही करेंगी। बंगाल की अग्रगति के साथ ही हावड़ा को भी नयी ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।

चुनाव कराने में क्या-क्या आयी जटिलता?

फिरहाद हकीम ने कहा कि यह सही है कि हम बार-बार कोशिश करने के बाद भी हावड़ा निगम चुनाव नहीं करा पाये। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में 12 नवंबर को बाली और हावड़ा अलग किया गया। हावड़ा में 50 वार्ड थे। हमलोगों ने 17 नवंबर को बिल पास कराया। वर्ष 2025 के 30 नवंबर तक राजभवन में अज्ञात कारणों से वहां बिल अटका रहा। इसी कारण हावड़ा निगम चुनाव नहीं करा पाये। इसके बाद हमलोगों ने डिलिमिटेशन शुरू किया और इसे एक्ट के तहत कराया गया। अब यह संशोधन बिल पास हो जाने से चुनाव में कोई बाधा नहीं होगी। 

हावड़ा के ड्रेनेज सिस्टम पर 200 करोड़ रुपये का काम किया

विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए फिरहाद हकीम ने कहा कि 2011 में हमलोगों को जिस हालत में हावड़ा निगम मिला था अब अभी के हावड़ा में काफी कुछ बदल गया है। यहां सिविक सर्विस खराब नहीं है। 2011 के बाद हावड़ा के इंफ्रास्ट्रचर पर बहुत जोर दिया गया। सीएम के निर्देश पर हावड़ा में केएमडीए 30 अहम रास्तों की व्यापक मरम्मत, अत्याधुनिक मशीन से काम, मंत्री होने के बाद जब मैं पहली बार हावड़ा आया, गौतम चौधरी साथ थे, उस समय कमर भर पानी था। उस दौरान सीपीएम के मेयर थे। पानी में खड़ा था और कॉरपोरेशन में कोई नहीं था। उस दौरान केएमडीए द्वारा ड्रेनेज का काम किया गया। उस समय में हावड़ा के ड्रेनेज सिस्टम पर करीब 200 करोड़ रुपये का काम किया गया है। बेलगछिया डंपिंग ग्राउंड में कचरे के पहाड़ को भी हटाया जा रहा है। फिरहाद ने दावा किया कि हावड़ा में भाजपा को एक भी सीट नहीं मिलेगी। हावड़ा में भाजपा किसी भी दिन नाक नहीं घुसा पायेगी। 

क्या कहा गौतम चौधरी ने

तृणमूल विधायक गौतम चौधरी ने कहा कि हावड़ा में वार्डों की संख्या लगभग 50 से बढ़कर 66 होने जा रही है। गौतम चौधरी ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि 1982 में हावड़ा एक नगरपालिका थी, जबकि 1984 में इसे नगर निगम (कॉरपोरेशन) का दर्जा दिया गया। हावड़ा राज्य के सबसे बड़े व्यावसायिक केंद्रों में से एक है, इसके निकट बड़ाबाजार जैसा विशाल व्यापारिक क्षेत्र स्थित है। हावड़ा में प्रवासी आबादी की संख्या सबसे अधिक है। हाल ही में डिलिमिटेशन (सीमांकन) किया गया है और वार्डों की संख्या बढ़ने से लोगों को प्रशासनिक और नागरिक सुविधाओं में काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि जब कोलकाता में वार्डों की संख्या 100 से बढ़ाकर 144 की जा सकती है, तो फिर हावड़ा में ऐसा क्यों नहीं हो सकता? उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि टीएमसी हावड़ा के प्रत्येक जगह में जीत हासिल करेगी।

क्या कहा भाजपा विधायक ने

भाजपा ने आरोप लगाया है कि हावड़ा नगर निगम क्षेत्र में नागरिक सेवाएं बेहद खराब स्थिति में पहुंच गई हैं। हालांकि भाजपा विधायक अनूप साहा ने कहा कि जो संशोधन बिल अभी लाया गया है उसे पहले ही लाना चाहिए था ताकि वहां लोगों को निर्वाचन के बाद राहत जल्द मिलती।

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