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हावड़ा में बहुमंजिली इमारतों के निर्माण पर सख्ती !

30 निर्माणाधीन परियोजनाओं का काम फिलहाल रोका गया, जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष समिति गठित

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

हावड़ा : तारातला हादसे के बाद राज्य सरकार और हावड़ा नगर निगम ने बहुमंजिली इमारतों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद हावड़ा नगर निगम ने शहर में पांच मंजिल से अधिक ऊंचाई वाली 30 निर्माणाधीन इमारतों के निर्माण कार्य पर फिलहाल रोक लगा दी है। इन सभी परियोजनाओं की सुरक्षा, निर्माण गुणवत्ता और स्वीकृति प्रक्रिया की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष समिति का भी गठन किया गया है। नगर निगम के अधिकारियों और विभागीय इंजीनियरों की हालिया बैठक में यह फैसला लिया गया। समिति में एक भू-वैज्ञानिक (जियोलॉजिस्ट), एक लाइसेंस प्राप्त बिल्डिंग सर्वेयर और एक संरचनात्मक इंजीनियर को शामिल किया गया है। निरीक्षण के दौरान संबंधित भवन के मालिक या निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि की उपस्थिति भी अनिवार्य की गई है।

मिट्टी से लेकर निर्माण सामग्री तक की होगी जांच

संबंधित विभाग के अधिकारियों ने बताया कि समिति प्रत्येक परियोजना में मिट्टी की गुणवत्ता और भार वहन क्षमता, भवन की संरचनात्मक मजबूती, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, अग्निशमन व्यवस्था तथा बिजली सुरक्षा समेत सभी तकनीकी पहलुओं की जांच करेगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि भवन निर्माण की स्वीकृति प्रक्रिया में नगर निगम के नियमों का पूरी तरह पालन किया गया था या नहीं। विशेष रूप से गंगा किनारे स्थित निर्माणाधीन बहुमंजिली इमारतों पर प्रशासन की नजर है जो मुख्य रूप से शिवपुर से उत्तर हावड़ा में चिह्नित की गई हैं। जानकारी के अनुसार, वार्ड 13 के आचार्य तुलसी मार्ग स्थित चार व्यावसायिक बहुमंजिली परियोजनाओं की भी विशेष जांच की जाएगी। इन परियोजनाओं को लेकर पहले निर्माण कंपनियों के खिलाफ नियमों के उल्लंघन और मिट्टी भराई को लेकर शिकायतें सामने आई थीं।

रिपोर्ट के बाद ही मिलेगी निर्माण की अनुमति

नगर निगम के बिल्डिंग विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चिह्नित इमारतों के प्रबंधन पक्ष को चिट्ठी भेजी गयी है, उन्हें संबंधित सभी दस्तावेजों को लाने को कहा गया है। दस्तावेजों की जांच के साथ ही कमेटी द्वारा अधिकारियों को भेजकर निरीक्षण करवाया जायेगा। इसके बाद जांच रिपोर्ट राज्य के शहरी विकास विभाग को भेजी जाएगी। निर्माण को लेकर एनओसी मिलने के बाद ही संबंधित परियोजनाओं में दोबारा निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।

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