निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : बंगाल में मानसून जहां दस्तक देने वाला है वहीं हावड़ावासी इससे अलग ही डर में घिर रहे हैं। कारण है कि यहां विभिन्न इलाकों में सड़कों की जर्जर स्थिति जिसने स्थानीय नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। उत्तर हावड़ा से लेकर दक्षिण हावड़ा तक और शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक, कई महत्वपूर्ण मार्ग इस समय पूरी तरह से टूटे-फूटे हैं। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। ड्रेनेज या पाइपलाइन के काम के बाद लंबे समय तक मरम्मत न होने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है। दफ्तर जाने वाले लोग, स्कूली बच्चे और व्यापारी रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
इन इलाकों में भयावह स्थिति, गडढों से पट चुकी है सड़कें
स्थानीय निवासियों के अनुसार, सबसे खराब स्थिति उत्तर हावड़ा के घुसुड़ी (गुहा रोड), ईस्ट वेस्ट बाईपास, बेलूड़, सालकिया, लिलुआ और बाली की है। इसके अलावा मध्य और दक्षिण हावड़ा के शिबपुर, संकराइल और आंदुल जैसे क्षेत्रों में भी सड़कें खस्ताहाल हैं। गड्ढों में पानी भर जाने से पैदल यात्रियों और विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए हर समय दुर्घटना का शिकार होने का खतरा बना रहता है। रोज़ाना बाली से बांधाघाट काम के लिए जाने वाले व्यवसायी गोपाल साव ने बताया कि टूटी सड़कों के कारण वाहनों की गति धीमी रखनी पड़ती है, जिससे भारी ट्रैफिक जाम लग जाता है। वहीं टोटो ड्राइवर बजरंग राम ने कहा कि सड़कों की हालत काफी खराब है। उसी टोटों से बच्चे को स्कूल घर ले जा रही प्रतीभा सिंह ने कहा कि घुसुड़ी से बाली आने जाने में जिस तरह के गड्ढे हैं उससे उन्हें टोटो के पलट जाने की आशंका सता रही होती है। लोगों का आरोप है कि यहां ठोस काम की जरूरत है मगर अस्थायी मरम्मत कर ही सालों से काम चलाया गया। यात्रियों व स्थानीय निवासियों ने यहां प्रशासन से मानसून के पहले सड़कों को ठीक करने की मांग की है ताकि लोग परेशानी से बच सकें। समस्या को सोशल मीडिया पर भी नागरिक मुखर हो रहे हैं।
हावड़ा नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जल निकासी प्रणालियों (निकासी नाला) की सफाई और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम पहले ही शुरू किया जा चुका है। अधिकारियों ने जायजा भी लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मानसून की भारी बारिश शुरू होने से पहले ज्यादातर काम पूरे कर लिए जायेंगे। साथ ही उत्तर हावड़ा के विधायक व राज्य मंत्री उमेश राय ने भी नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा, "मानसून की शुरुआत से पहले जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और टूटी सड़कों को ठीक करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी और आम जनता को इस परेशानी से निजात मिल जाएगी।"