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पॉक्सो मामले में ऐतिहासिक फैसला: अभियुक्त को 20 वर्ष की सख्त सजा

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : उत्तर एवं मध्य अंडमान जिला पुलिस ने एक बार फिर न्याय के प्रति अपनी निष्ठा और त्वरित कार्रवाई का प्रमाण दिया है। 7 नवम्बर 2025 को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) शुभजीत बसु ने अपराध संख्या 64/2023 के तहत दर्ज मामले में अभियुक्त संजीब दास को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 60,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। यह मामला थाना डिगलीपुर में पॉक्सो अधिनियम, 2012 के तहत दर्ज किया गया था। यह निर्णय पुलिस की कड़ी और निष्पक्ष जांच का परिणाम है। जांच अधिकारी एसआई दीप्ति मिन्ज ने तत्कालीन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर के. बिनोज के नेतृत्व में मामले की जांच की। उनकी पेशेवर दक्षता, समर्पण और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता ने अभियुक्त की दोषसिद्धि सुनिश्चित की। इस ऐतिहासिक निर्णय से स्पष्ट संदेश मिलता है कि बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। अंडमान एवं निकोबार पुलिस ने कहा कि उनका ऐसे जघन्य अपराधों के प्रति शून्य सहनशीलता का रुख जारी रहेगा। बच्चों के अधिकारों और गरिमा की सुरक्षा उनका सर्वोच्च लक्ष्य है। पुलिस विभाग ने इस मामले में शामिल सभी अधिकारियों के उत्कृष्ट कार्य की सराहना की और कानून के शासन, न्याय की स्थापना तथा जनता के विश्वास को मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराया।

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अपराध या अवैध गतिविधि की जानकारी निकटतम थाने या फोन नंबर 100, 112, 03192-273344 पर दें। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें उचित रूप से पुरस्कृत भी किया जाएगा।विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के मन में भय पैदा होगा और भविष्य में ऐसे मामलों की रोकथाम में मदद मिलेगी। यह निर्णय पुलिस और न्यायालय की समर्पित कार्रवाई का प्रतीक है, जो समाज में कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करने में सहायक होगा। इस घटना ने यह भी साबित किया कि न्याय और सुरक्षा की दिशा में सक्रिय और निष्पक्ष कार्रवाई से समाज में अपराध पर नियंत्रण संभव है। अधिकारियों ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि सभी बच्चों को सुरक्षित माहौल और उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

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