सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : महानगर के प्रतिष्ठित हिंदुस्तान क्लब का आगामी एजीएम इस बार बेहद रोचक होने जा रहा है। अध्यक्ष पद को लेकर चुनावी तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है और दो पैनलों के मैदान में उतरने से क्लब से लेकर सामाजिक हलकों तक चर्चा तेज हो गई है। मुकाबला एक ओर अंजनी धानुका के नेतृत्व वाली टीम और दूसरी ओर सी. एस. सारडा की अगुवाई वाली टीम के बीच है।
चुनाव की खासियत यह है कि दोनों पैनलों में कई ऐसे चेहरे शामिल हैं, जो अलग-अलग समय में क्लब की कार्यकारिणी का हिस्सा रह चुके हैं। ऐसे में सदस्यों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस बार क्लब को नया नेतृत्व और नई दिशा मिलेगी या पुराने अनुभव और स्थापित समीकरण एक बार फिर प्रभावी रहेंगे। इसी वजह से यह चुनाव केवल पदों की लड़ाई नहीं, बल्कि क्लब के भविष्य की दिशा को लेकर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कुछ सदस्य दोनों टीमों के प्रतिभागियों को नयी बोतल में पूरानी शराब व्यंग कर रहे हैं।
टीम ऋषभ कोठारी
एक ओर, टीम ऋषभ कोठारी से सी. एस. सारडा अध्यक्ष, अश्विन वाखारिया उपाध्यक्ष, कमल घेलानी मानद सचिव और सौरभ शाह मानद कोषाध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। मानद संयुक्त सचिव पद पर स्वाति बिहानी और राजीव गोयनका उम्मीदवार हैं।
कार्यकारिणी के लिए अमित मुंद्रा, आनंद गोयनका, अश्विन टिकमानी, बाल किशन सदानी, बिजल कोठारी, मेहुल दमानी, मितुल मलानी, पुनीत टाटियां, जिगर मलानी, सुनील कुमार शाह, अक्षय बोथरा, आशीष थार्ड, महेंद्र अग्रवाल, वैभव नाहटा और कपिल श्रॉफ मैदान में हैं।
टीम अंजनी धानुका
दूसरी ओर, अंजनी धानुका पैनल की ओर से वह स्वयं अध्यक्ष, अशोक कुमार जैन उपाध्यक्ष, विजय कुमार केजरीवाल मानद सचिव और अनिता गुप्ता मानद कोषाध्यक्ष पद की उम्मीदवार हैं। मानद संयुक्त सचिव के लिए अचलेश चौधरी और संदीप झुनझुनवाला मैदान में हैं। कार्यकारिणी के लिए अमित मेहता, राजेश कुमार अग्रवाल, रमेश दमानी, सुमित कोठारी, सुदर्शन जोशी, दीपक तुलस्यान, दिनेश गंगवाल, लाल मोहन गोयनका, ललित बैद, संजय अग्रवाल, लावण्या गोयनका और शशि कांत शाह उम्मीदवार हैं।
सदस्यों के फैसले पर टिकी नजर
हिंदुस्तान क्लब की सदस्यता में महानगर के कारोबारी और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख चेहरे शामिल हैं। ऐसे में एजीएम में होने वाला मतदान क्लब के भीतर ही नहीं, बल्कि शहर के सामाजिक गलियारों में भी उत्सुकता का विषय बना हुआ है।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि सदस्य अनुभव, निरंतरता और पुराने समीकरणों को प्राथमिकता देते हैं या बदलाव और नई कार्यशैली को। दोनों पैनल अपने-अपने विजन और भविष्य की योजनाओं के साथ मैदान में हैं । फिलहाल मुकाबला कांटे का है और अंतिम तस्वीर सदस्यों के मतदान के बाद ही सामने आएगी ।
एक ओर टीम चेंजमेकर्स के साथ विकास और इम्प्रुवमेंट है क्लब में तो दूसरी ओर अनुभव तथा बदलाव है। कुछ विवादास्पद चेहरे हैं। यहां यह भी बात सामने आयी है कि वरिष्ठ सदस्यों से पूछा नहीं गया। हालांकि दोनों टीमें शानदार हैं।