सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : हिंदू राष्ट्र शक्ति के प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर लाल ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (डीबीआरएआईटी), पहाड़गांव के कक्षों के कथित अनधिकृत उपयोग के संबंध में अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल, सांसद तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, शिक्षा मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में लाल ने चिंता व्यक्त की कि डीबीआरएआईटी परिसर के दो से तीन कक्षों का उपयोग सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के कार्यालय संचालन के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये कक्ष मूल रूप से तकनीकी पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्रों के शैक्षणिक और शिक्षण कार्यों के लिए निर्मित किए गए थे तथा प्रशासनिक उपयोग के कारण शिक्षण के लिए उपलब्ध स्थान में कमी आई है और शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हुआ है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि यूजीसी और एआईसीटीई के दिशा-निर्देशों के अनुसार कक्षा अवसंरचना का उपयोग निर्धारित शैक्षणिक गतिविधियों के लिए ही किया जाना चाहिए, ताकि तकनीकी शिक्षा के मानकों को बनाए रखा जा सके। साथ ही वित्त मंत्रालय द्वारा जारी सामान्य वित्तीय नियम, 2017 का हवाला देते हुए कहा गया कि किसी विशिष्ट स्वीकृत उद्देश्य के लिए निर्मित सरकारी संपत्ति का बिना उचित प्रशासनिक अनुमति और औचित्य के अन्य उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। ज्ञापन में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 21ए का भी उल्लेख करते हुए कहा गया कि छात्रों को समान शैक्षणिक परिस्थितियों और पर्याप्त शैक्षणिक अवसंरचना का अधिकार है। लाल ने सक्षम प्राधिकारियों से अनुरोध किया है कि सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के कार्यालय संचालन के लिए उपयुक्त सरकारी भवन आवंटित करने तथा डॉ. बी.आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के कक्षों को पुनः शैक्षणिक उपयोग के लिए बहाल करने हेतु तत्काल निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने छात्रों के अधिकारों की रक्षा और तकनीकी शिक्षा के मानकों की अखंडता बनाए रखने के व्यापक हित में शीघ्र हस्तक्षेप की आवश्यकता पर बल दिया।